स्टैंड नहीं, सड़क ही बनी पार्किंग: मेहरमा में रोज जाम में फंस रहे एंबुलेंस और स्कूल बस

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सड़कों पर लगी जाम| Prabhat Khabar Network

मेहरमा में स्थायी स्टैंड न होने से सड़क पर बेतरतीब पार्किंग से रोज जाम. मरीजों और स्कूली बसों को भारी परेशानी. जानें पूरा मामला.

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प्रतिनिधि, मेहरमा. मेहरमा थाना क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप लोगों को प्रतिदिन घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है. वाहनों के लिए स्थायी स्टैंड नहीं होने के कारण चालक सड़क के दोनों किनारे बेतरतीब तरीके से गाड़ियां खड़ी कर देते हैं. इससे सड़क संकरी हो जाती है और आवागमन बाधित होने के कारण लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है.

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हटिया चौक और सिद्धो-कान्हू चौक पर बढ़ता है दबाव

मेहरमा के हटिया चौक और पीरोजपुर स्थित सिद्धो-कान्हू चौक पर प्रतिदिन झारखंड और बिहार से सैकड़ों छोटी-बड़ी गाड़ियों का परिचालन होता है. बाराहाट प्रखंड का मुख्य बाजार, मेहरमा प्रखंड मुख्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के कारण इन इलाकों में रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होता है.

वाहनों की संख्या अधिक होने और उन्हें खड़ा करने के लिए समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है. व्यस्त समय में स्थिति और गंभीर हो जाती है.

वाहन चालकों से वसूली का आरोप, स्टैंड की सुविधा नहीं

स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्टैंड के नाम पर प्रतिदिन वाहन चालकों से हजारों रुपये की वसूली की जाती है, लेकिन वाहनों को खड़ा करने के लिए अब तक कोई स्थायी स्टैंड उपलब्ध नहीं कराया गया है.

लोगों का कहना है कि स्टैंड की सुविधा नहीं होने के कारण चालक मजबूरी में सड़क के दोनों किनारे वाहन खड़े करते हैं. इससे सड़क पर जाम लगना रोज की समस्या बन गयी है.

जाम में फंसती हैं एंबुलेंस और स्कूल बसें

जाम की स्थिति में सबसे अधिक परेशानी मरीजों और स्कूली बच्चों को होती है. स्थानीय लोगों ने बताया कि जाम के दौरान वाहन चालक इस बात का भी ध्यान नहीं रखते कि उनके पीछे एंबुलेंस या स्कूल बस फंसी हुई है.

सड़क पर घंटों जाम लगे रहने से मरीजों को अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है, जबकि स्कूल बसों में सवार बच्चों को भी काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ता है.

बिना लाइसेंस वाहन चलाने का भी आरोप

ग्रामीणों के अनुसार, दोनों स्टैंड से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का परिचालन होता है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनमें आधे से अधिक वाहन चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है. कई नाबालिगों के वाहन चलाने की भी शिकायत है.

लोगों का कहना है कि बिना लाइसेंस और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाये जाने के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं से लोगों में चिंता बढ़ रही है.

व्यवस्था नहीं सुधरी तो बढ़ेगा हादसों का खतरा

ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से सड़क पर बेतरतीब तरीके से वाहन खड़ा करने, बिना लाइसेंस वाहन चलाने और नाबालिगों के वाहन चलाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यातायात व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया और स्थायी स्टैंड की व्यवस्था नहीं हुई, तो जाम के साथ सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ता रहेगा.

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