एक मकान को छोड़ 15 जमींदोज

Published at :13 Dec 2016 4:30 AM (IST)
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एक मकान को छोड़ 15 जमींदोज

बसंतराय तालाब से चौथे दिन हटाया गया अतिक्रमण दाग नंबर एक से गौरी साह के मकान नहीं टूटने पर अन्य लोगों में आक्रोश अंचल प्रशासन पर सौतेला व्यवहार करने का लगाया आरोप मकान का मामला हाईकोर्ट में चलने का हवाला दे रहा प्रशासन आशियाना छीनने के बाद खुले आसमान तले जिंदगी काट रहे पीड़ित बसंतराय […]

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बसंतराय तालाब से चौथे दिन हटाया गया अतिक्रमण

दाग नंबर एक से गौरी साह के मकान नहीं टूटने पर अन्य लोगों में आक्रोश
अंचल प्रशासन पर सौतेला व्यवहार करने का लगाया आरोप
मकान का मामला हाईकोर्ट में चलने का हवाला दे रहा प्रशासन
आशियाना छीनने के बाद खुले आसमान तले जिंदगी काट रहे पीड़ित
बसंतराय : बसंतराय के ऐतिहासिक तालाब के पास अंचल प्रशासन ने चौथे दिन भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया. हाइप्रोफाइल ड्रामा के बीच अतिक्रमण को हटाने का कार्य किया जा रहा है. दाग नंबर एक पोखर पिंड पर गौरी साह के मकान को छोड़ तकरीबन 15 मकानों को जमींदोज कर दिया गया है. प्रशासन ने सोमवार को उनके मकान को यह कह कर नहीं तोड़ा कि यह मामला हाई कोर्ट में चल रहा है. जबकि दाग नंबर एक में जनार्दन पासवान, गौरी स्वर्णकार, कोदो सिंह का इंदिरा आवास, गिरिजा प्रसाद,
कारु साह, भूदेव साह जैसे कई व्यक्तियों का दो मंजिला व तीन मंजिला घर को प्रशासन ने अतिक्रमण के तहत जमीनदोज कर दिया है. वहीं गौरी साह के मकान के पीछे स्थानीय नेताओं व प्रशासन के मिलीभगत से डैमेज कंट्रोल करने का कार्य किया जा रहा है. इस बात को लेकर आस पास के ग्रामीणों में खासा रोष देखा जा रहा है. साथ ही अतिक्रमण के तहत घर से बेघर हुए परिवार वालों ने कहा कि प्रशासन सौतेला व्यवहार कर रहा है. अतिक्रमण को हटाने के नाम पर एक आंख में काजल और दूसरे आंख में सूरमा लगाने का काम किया जा रहा है. बेघर परिवार के सदस्यों ने यह भी बताया कि अतिक्रमण के नाम पर घर तोड़ दिये जाने के बाद कड़ाके की ठंड में बेघर परिवार जैसे तैसे रहने को विवश है. प्रखंड प्रशासन की ओर से बेघर परिवारों को कोई आशियाना तत्काल नहीं दिया जा रहा है. इधर, सोमवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान जिला से बसंतराय पहुंचे भाजपा नेता राजेश झा ने कहा कि बसंतराय ऐतिहासिक तालाब का सौंद्रीकरण के नाम पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है तो जिला प्रशासन अविलंब तालाब के सौंद्रीकरण का काम शुरू करें. ऐसा न हो कि अतिक्रमण हटाने के बाद सौंद्रीकरण कार्य में विलंब हो और फिर से ऐतिहासिक तालाब के पास अतिक्रमण हो जाये. इस मामले को जिला प्रशासन के अलावा स्थानीय विधायक के पास रखने का काम करेंगे.
राजस्व कर्मी पर राशि उगाही का आरोप, जांच की उठी मांग
अतिक्रमण से प्रभावित परिवारों के सदस्यों में कारू साह, गिरिजा प्रसाद साह, भूदेव साह, माड़ो सिंह, बदरी खेतान, शिव प्रसाद स्वर्णकार, जनार्दन पासवान, गौरी स्वर्णकार आदि ने बताया कि वर्ष 1946 से वर्ष 2011 तक रसीद के नाम पर राशि की उगाही राजस्व कर्मचारी ने की थी. बताया कि सभी का घर दाग नंबर एक में है. राजस्व कर्मचारी ने दाग नंबर पांच का रसीद काट कर पीड़ित परिवारों को इतने वर्षों तक देने का काम किया है. रसीद के नाम पर राशि की उगाही कर सरकार को राजस्व का चूना लगाया है. जो गंभीर मामला बनता है. इसकी निष्पक्ष जांच की मांग उपायुक्त से करते हैं.
गौरी साह के मकान का मामला हाइकोर्ट में चल रहा है. इसी वजह से अतिक्रमण के तहत उसका मकान नहीं तोड़ा गया है. आदेश मिलेगा तो मकान तोड़ा जायेगा.”
– रूद्र प्रताप, सीओ
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