विस्थापित परिवार को नौकरी व मुआवजा दें, अन्यथा 23 सितंबर से टेलिंग पोंड का काम होगा बंद

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सुंदरनगर क्षेत्र के तालसा गांव में आदिवासी नवयुवक क्लब प्रांगण में रविवार को यूसिल परियोजना द्वारा विस्थापित व प्रभावित परिवार के सदस्यों की एक बैठक माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू की अध्यक्षता में हुई. बैठक में सर्वसम्मति से यूसिल प्रबंधन के जनता विरोधी रवैये से तंग आकर 23 सितंबर से तालसा टेलिंग पॉन्ड के सभी कार्यों को अनिश्चितकालीन के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया.

तालसा गांव में विस्थापित व प्रभावित परिवार के सदस्यों की एक बैठक

सुंदरनगर क्षेत्र के तालसा गांव में आदिवासी नवयुवक क्लब प्रांगण में रविवार को यूसिल परियोजना द्वारा विस्थापित व प्रभावित परिवार के सदस्यों की एक बैठक माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू की अध्यक्षता में हुई. बैठक में सर्वसम्मति से यूसिल प्रबंधन के जनता विरोधी रवैये से तंग आकर 23 सितंबर से तालसा टेलिंग पॉन्ड के सभी कार्यों को अनिश्चितकालीन के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया.

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जमशेदपुर: सुंदरनगर क्षेत्र के तालसा गांव में आदिवासी नवयुवक क्लब प्रांगण में रविवार को यूसिल परियोजना द्वारा विस्थापित व प्रभावित परिवार के सदस्यों की एक बैठक माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू की अध्यक्षता में हुई. बैठक में सर्वसम्मति से यूसिल प्रबंधन के जनता विरोधी रवैये से तंग आकर 23 सितंबर से तालसाटेलिंग पॉन्ड के सभी कार्यों को अनिश्चितकालीन के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया. मौके पर उपस्थित विस्थापित व प्रभावित सदस्यों ने कहा कि उन्होंने देश हित में अपनी रैयती जमीन यूसिल प्रबंधन को दिया है, लेकिन अब तक उनकी कई मांगों पर उचित पहल नहीं किया. इससे समस्त विस्थापित व प्रभावित परिवार आक्रोशित हैं.

जमीन अधिग्रहण में घर-द्वार व खेती सब चला गया

सदस्यों ने कहा कि यूसिल द्वारा उनकी जमीन को 1984-85 में और 2010-11 में अधिग्रहण किया गया है. इसमें कई परिवार का घर-द्वार, खेती व जमीन सब कुछ चला गया. इस जमीन पर खेती करके परिवार के सभी सदस्यों का जीवन यापन होता था. अब प्रबंधन द्वारा विस्थापित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करने का दंभ भर रही है. विस्थापित परिवार आर्थिक तंगी से परेशान हैं. मकान के बदले रहने के लिए घर भी नहीं दिया गया.

नौकरी नहीं मिलने से युवा पलायन को हैं मजबूर

उन्होंने बताया कि तालसा मौजा में ही यूरेनियम कचड़ा डिस्पोजल के लिए टेलिंग पोंड का निर्माण किया गया है.टेलिंग पोंड के बिल्कुल सामने ही विस्थापित परिवार रहने को विवश हैं.टेलिंगपाेंड का पानी रिसकर तालाब, कुआं और खेतों में जा रहा है. इसकी वजह से खेतों में कृषि कार्य करना मुश्किल हो गया है. विस्थापित व प्रभावित बेरोजगार युवाओं को यूसिल तुरामडीह में नौकरी नहीं मिलने के कारण पलायन करने में मजबूर हैं, जबकि दूर दराज व दूसरे राज्यों के लोगों को यहां नौकरी दिया जा रहा है. प्रबंधन का रवैया विस्थापित व प्रभावित परिवार के अनुकूल नहीं है. यूसिल प्रबंधन तालसा ग्रामसभा के मांगों पर अविलंब उचित पहल करते हुए नौकरी एवं पुनर्वास नहीं देती है, तो 23 सितंबर से तालसाटेलिंग पोंड को अनिश्चितकालीन समय के लिए बंद कर दिया जाये. इसकी सारी जवाबदेही यूसिल प्रबंधन की होगी. बैठक में काफी संख्या में विस्थापित-प्रभावित ग्रामवासी मौजूद थे.

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दशमत सोरेन

लेखक के बारे में

By दशमत सोरेन

दशमत सोरेन ने रांची विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है. वे 29 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से झारखंड की आदिवासी-मूलवासी राजनीति, स्थानीय समुदायों की भाषा-संस्कृति और यहां के सामाजिक ताना-बाना है. वे वर्ष 2010 से प्रभात खबर के साथ एक ट्राइबल रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे हैं.

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