JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ी मामले में बेंगाबाद के चार सफल अभ्यर्थियों को CID का नोटिस, समीर से पूछताछ में मिले सुराग

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सीआईडी ने चार सफल अभ्यर्थियों को भेजा नोटिस

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JSSC CGL परीक्षा पेपर लीक मामले में समीर कुमार के खुलासों ने CID को चौंका दिया है. जांच की आंच अब कई अन्य सफल अभ्यर्थियों तक पहुंच गई है. पूरी खबर पढ़ें।

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गिरिडीह. जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी की टीम ने बेंगाबाद में अपनी जांच तेज कर दी है. जांच के दौरान गिरफ्तार एएसओ समीर कुमार उर्फ शालू से पूछताछ के बाद एजेंसी को कई अहम जानकारियां मिलने की बात सामने आ रही है. इसी क्रम में बेंगाबाद के अलग-अलग गांवों के चार सफल अभ्यर्थियों को सीआईडी ने नोटिस देकर पूछताछ के लिए रांची बुलाया है.

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यह फोटो एआई से बनाई गयी है
यह फोटो एआई से बनाई गयी है

समीर की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद बेंगाबाद के अन्य सफल अभ्यर्थियों और उनके परिजनों में भी चिंता बढ़ गयी है. सीआईडी अब परीक्षा में कथित सेटिंग के नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.

मिठाई दुकान से गिरफ्तार हुआ था समीर

27 अगस्त की देर रात रांची से पहुंची सीआईडी की टीम ने बेंगाबाद स्थित एक मिठाई दुकान में छापेमारी कर समीर कुमार उर्फ शालू को गिरफ्तार किया था. वह रांची में एएसओ के पद पर कार्यरत था और रक्षाबंधन की छुट्टी में अपने घर बेंगाबाद आया था.

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सीआईडी ने बेंगाबाद पुलिस की मदद से उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके घर से परिजनों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किये थे. पूछताछ और जांच के बाद समीर को जेल भेज दिया गया. अब इसी मामले में सीआईडी अन्य सफल अभ्यर्थियों और संदिग्ध संपर्कों की पड़ताल कर रही है.

तकनीकी टीम में शामिल होने के दौरान प्रश्नपत्र तक पहुंच का आरोप

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, समीर कुमार पहले टीसीएस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करता था. प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन से जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी होने के कारण उसे परीक्षा एजेंसी को तकनीकी जानकारी देने वाली टीम में शामिल किया गया था.

बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रश्नपत्र में बारकोड सेटिंग, अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक प्रक्रिया समेत परीक्षा से जुड़ी तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी देने में उसकी भूमिका थी. सीआईडी की जांच में उसके इसी दौरान परीक्षा से संबंधित गोपनीय जानकारी हासिल करने और कथित तौर पर उसका गलत इस्तेमाल करने के पहलू की जांच की जा रही है.

जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि समीर को परीक्षा से संबंधित कौन-कौन सी जानकारी मिली और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया. इसी मामले में उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की गयी है.

टीसीएस की तकनीकी टीम के अन्य कर्मी भी जांच के दायरे में

समीर के खुलासे के बाद परीक्षा की तकनीकी प्रक्रिया से जुड़े टीसीएस के अन्य कर्मियों से भी पूछताछ किये जाने की बात सामने आ रही है. सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी तक और किन लोगों की पहुंच थी.

वहीं, कथित सेटिंग के जरिये अन्य अभ्यर्थियों से पैसे लेने और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के आरोपों की भी जांच चल रही है. बेंगाबाद के कुछ अन्य सफल अभ्यर्थियों और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है.

कॉल डंप के जरिये नेटवर्क खंगाल रही सीआईडी

जांच के क्रम में बेंगाबाद के कुछ सफल अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबरों का कॉल डंप भी खंगाले जाने की जानकारी सामने आयी है. सीआईडी कथित सेटिंग से जुड़े संपर्कों, पैसों के लेन-देन और परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों के बीच हुए संपर्कों की पड़ताल कर रही है.

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जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना जतायी जा रही है. हालांकि, सीआईडी की ओर से अभी सभी आरोपों और जांच के निष्कर्षों को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गयी है.

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