एक आधार केंद्र के भरोसे गावां की 17 पंचायतें, ग्रामीण लौट रहे बैरंग
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गावां प्रखंड की 17 पंचायतों के डेढ़ से दो लाख लोगों के लिए आधार से जुड़ा काम कराना एक बड़ी चुनौती बन गया है. मात्र तीन दिन खुलने वाला एकमात्र आधार केंद्र भारी भीड़ के कारण ग्रामीणों को घंटों इंतजार के बाद भी निराश लौटना पड़ रहा है. पहले पंचायतों में मिलने वाली यह सुविधा बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है.
गावां प्रखंड की 17 पंचायतों के करीब डेढ़ से दो लाख लोगों के लिए आधार से जुड़ा काम कराना इन दिनों बड़ी परेशानी बन गया है. प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में संचालित एकमात्र आधार केंद्र सप्ताह में सिर्फ तीन दिन खुलता है. सीमित दिनों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से केंद्र पर भीड़ उमड़ रही है. आधार बनवाने, नाम-पता में सुधार, मोबाइल नंबर अपडेट या अन्य संशोधन के लिए ग्रामीणों को दूर-दराज की पंचायतों से प्रखंड मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा है.
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केंद्र पर क्षमता से अधिक लोगों के पहुंचने के कारण कई ग्रामीणों को घंटों इंतजार करना पड़ता है. इसके बावजूद कई लोगों का काम नहीं हो पाता और उन्हें वापस लौटना पड़ता है.
बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुबह से पहुंच रहे लोग
आधार केंद्र पर काम कराने के लिए ग्रामीण सुबह से ही कतार में लग जाते हैं. कई लोग छोटे बच्चों और बुजुर्गों को साथ लेकर पहुंचते हैं. सप्ताह में केवल तीन दिन सेवा मिलने और आवेदकों की संख्या अधिक होने के कारण लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि आधार में मामूली सुधार के लिए भी उन्हें पूरा दिन प्रखंड मुख्यालय में बिताना पड़ रहा है. दूर की पंचायतों से आने वाले लोगों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है.
पहले पंचायतों में ही मिलती थी सुविधा
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ समय पहले गावां प्रखंड की सभी 17 पंचायतों में आधार सेवा केंद्र संचालित होते थे. इससे लोगों को अपने पंचायत क्षेत्र में ही आधार बनवाने और उसमें संशोधन कराने की सुविधा मिलती थी.
बताया जाता है कि डीओआइटी (डिपार्टमेंट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) और सीएससी के बीच एमओयू समाप्त होने के बाद पंचायत स्तर पर संचालित आधार केंद्रों में काम बंद हो गया. इसके बाद पूरे प्रखंड की आधार संबंधी जरूरतें एक ही केंद्र पर आ गयी हैं.
छात्रों के नामांकन और अपार आइडी पर भी असर
आधार सेवा की कमी का असर छात्र-छात्राओं पर भी पड़ रहा है. स्कूलों में ऑनलाइन नामांकन की प्रक्रिया के दौरान आधार कार्ड की जरूरत पड़ रही है. आधार उपलब्ध नहीं होने या उसमें किसी तरह की त्रुटि होने पर विद्यार्थियों को नामांकन प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी हो रही है.
अपार आइडी बनाने में भी आधार संबंधी जानकारी जरूरी होने के कारण कई विद्यार्थियों की प्रक्रिया अटक रही है. कुछ मामलों में विद्यार्थी के साथ माता या पिता का आधार विवरण भी आवश्यक होता है. ऐसे में परिवार के एक सदस्य का आधार अपडेट नहीं होने पर पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.
बैंक से सरकारी योजनाओं तक आधार जरूरी
आधार कार्ड अब बैंक खाते, मोबाइल नंबर, पेंशन, पैन कार्ड, एलपीजी सब्सिडी, डिजीलॉकर और जन-धन योजना समेत कई सेवाओं से जुड़ा है. ऐसे में आधार बनवाने या उसमें संशोधन कराने की जरूरत लगातार बनी रहती है.
ग्रामीणों का कहना है कि जब पंचायत स्तर पर सेवा उपलब्ध थी, तो काम आसानी से हो जाता था. अब एकमात्र केंद्र पर निर्भरता के कारण समय और पैसे दोनों खर्च हो रहे हैं.
सभी पंचायतों में फिर शुरू हो आधार केंद्र : जिप सदस्य
जिप सदस्य पवन कुमार चौधरी ने कहा कि आधार केंद्र पर लोग सुबह से बच्चों और बुजुर्गों के साथ घंटों कतार में खड़े रहते हैं. भीड़ अधिक होने के कारण कई लोगों को बिना काम कराये वापस लौटना पड़ता है.
उन्होंने जिला प्रशासन से गावां प्रखंड की सभी पंचायतों में दोबारा आधार केंद्र शुरू कराने की मांग की है. उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर आधार सेवा बहाल होने से ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय की बार-बार दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी और आधार संबंधी काम भी समय पर पूरा हो सकेगा.
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