एनएच-टू पर मादक पदार्थों का कारोबार

Updated at :09 Oct 2017 1:04 PM
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एनएच-टू पर मादक पदार्थों का कारोबार

चोरी-छिपे बेचा जा रहा है अवैध सामान अमरनाथ सिन्हा गिरिडीह : हाल के दिनों में मादक पदार्थ को लेकर गिरिडीह पुलिस ने नेशनल हाइवे-2 पर कार्रवाई की है और बगोदर में 700 ग्राम गांजा भी बरामद किया. इसके बाद भी एनएच-2 के किनारे मादक पदार्थ की बिक्री हो रही है. अभी यह बिक्री काफी चोरी […]

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चोरी-छिपे बेचा जा रहा है अवैध सामान

अमरनाथ सिन्हा

गिरिडीह : हाल के दिनों में मादक पदार्थ को लेकर गिरिडीह पुलिस ने नेशनल हाइवे-2 पर कार्रवाई की है और बगोदर में 700 ग्राम गांजा भी बरामद किया. इसके बाद भी एनएच-2 के किनारे मादक पदार्थ की बिक्री हो रही है. अभी यह बिक्री काफी चोरी छिपे की जा रही है . गिरिडीह जिले से जो एनएच-2 गुजरा है, उसमें तीन थाना क्रमशः बगोदर, डुमरी और निमियाघाट पड़ता है. इस मार्ग पर प्रत्येक दिन हजारों वाहनों का परिचालन होता है.

ऐसे में यह सड़क अतिव्यस्त है जहां रोज हजारों लोग सफर करते हैं. ग्राहकों की डिमांड ओर अच्छा फायदा होने के कारण कई लोग इस अवैध धन्धे में शामिल हैं. बताया जाता है कि अभी डुमरी-निमियाघाट थाना इलाके के कई स्थानों पर इस तरह का मादक पदार्थ बेचा जा रहा है. कहा जा रहा है हाल के दिनों में एनएच के किनारे शराब की बिक्री पर न्यायालय के द्वारा रोक लगाये जाने व अवैध शराब की बिक्री को लेकर पुलिस की सख्ती के बाद लोगों को खुलेआम शराब पीने में परेशानी होने लगी ऐसे में गांजा-अफीम की डिमांड बढ़ गयी है.

अंतर्राष्ट्रीय तस्कर से जुड़े हैं लोकल ड्रग माफिया के तार: एनएच पर शराब बिक्री में तो स्थानीय तस्कर व नकली शराब माफिया शामिल हैं. वहीं अफीम की बिक्री में खूंटी, चतरा, हजारीबाग, पलामू, रोहतास व औरंगाबाद के माफियाओं के साथ मिलकर लोकल माफिया काम कर रहे हैं, लेकिन हेरोइन की बिक्री में अंतर्राष्ट्रीय तस्करों से लोकल ड्रग माफिया का तार जुड़ा है.

जानकारी के अनुसार जिले के इन थाना इलाके में अफीम ज्यादातर चतरा व उससे सटे झारखंड-बिहार के जिले से सड़क मार्ग से पहुंचता है. वहीं क्षेत्र में हेरोइन आने का रास्ता पश्चिम बंगाल है. जानकार बताते हैं कि बांग्लादेश से ही देश मे हेरोइन की सप्लाइ की जाती है. बांग्लादेश से बिहार के किशनगंज, बंगाल के मुर्शिदाबाद होते हुवे आसनसोल के रास्ते हेरोइन गिरिडीह जिले में आता है.

चेन सिस्टम से काम करते हैं माफिया: अफीम व हेरोइन का यह अवैध कारोबार पूरी तरह चेन सिस्टम से चलता है. जिस स्थान पर अफीम को फिल्टर किया जाता है वहां से मादक पदार्थ को उठानेवाले लोग हर 30-40 किमी के बाद अपने दूसरे साथी को सामान थमा देते हैं.

वहीं हर थाना इलाके में एक डिस्ट्रीब्यूटर रहता है जो छोटे दुकानदारों-ठेलेवालों को माल देता है. इसी तरह हेरोइन को भी पहुंचाया जाता है. रही बात शराब की तो एनएच पर ज्यादातर नकली शराब को उग्रवाद प्रभावित जंगलों से ही लाया जा रहा है.

कई बार बरामद हुआ है अफीम-गांजा : एनएच में 16 सितंबर को सरिया-बगोदर के एसडीओ पवन कुमार मंडल और एसडीपीओ दीपक कुमार शर्मा ने बगोदर-सरिया रोड स्थित दो ठेला में छापा मारकर लगभग 700 ग्राम गांजा व चिल्लम बरामद किया.

इस दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया तो एक फरार हो गया. इससे पहले पिछले वर्ष एसडीपीओ दीपक शर्मा के नेतृत्व में बगोदर थाना इलाके में एनएच-2 के किनारे ही एक चर्चित लाइन होटल के बगल में छापामारी कर तीन किलो गांजा तो डेढ़ किलो अफीम बरामद किया था.

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