नेफोक के पास किसानों का 3.66 करोड़ रुपये बकाया
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :30 Jun 2017 8:56 AM
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गिरिडीह. झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति अपने एक दिवसीय दौरे पर गुरुवार को गिरिडीह पहुंची. समिति के सभापति सह विधायक निर्भय कुमार शाहाबादी व सदस्य सह हजारीबाग के विधायक मनीष जायसवाल ने परिसदन भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में पिछले वर्ष धान क्रय के दौरान किसानों के बकाया राशि की समीक्षा की […]
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गिरिडीह. झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति अपने एक दिवसीय दौरे पर गुरुवार को गिरिडीह पहुंची. समिति के सभापति सह विधायक निर्भय कुमार शाहाबादी व सदस्य सह हजारीबाग के विधायक मनीष जायसवाल ने परिसदन भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में पिछले वर्ष धान क्रय के दौरान किसानों के बकाया राशि की समीक्षा की गयी. समीक्षा में पाया गया कि जिले के किसानों का तीन करोड़ 65 लाख 65 हजार की राशि नेफोक के पास बकाया पड़ी है. उक्त कंपनी धान के बदले किसानों को राशि देने में आनाकानी कर रही है.
श्री शाहाबादी ने कहा कि सरकार ने उक्त कंपनी को ब्लैक लिस्टेड किया है. शीघ्र ही जिला प्रशासन की ओर से धान क्रय की राशि के भुगतान के लिए सरकार को पत्र भेजा जायेगा. कहा कि एक सप्ताह के अंदर किसानों का भुगतान कर दिया जायेगा.
जुलाई में 149 ठेला भेंडरों जविप्र का लाइसेंस
श्री शाहाबादी ने कहा कि जिले के 149 ठेला भेंडरों को जुलाई माह में ही जनवितरण प्रणाली का लाइसेंस दिया जायेगा. बैठक में विभिन्न विभागों की ओर से चलायी जा रही योजनाओं के प्राक्कलन की जांच की गयी.
प्रमुख रूप से 14 विभाग के प्राक्कलन की जांच हुई और प्राक्कलन रिपोर्ट संतोषप्रद पाया गया. बैठक में कृषि विभाग द्वारा किये गये बीज वितरण की समीक्षा भी की गयी, लेकिन इसकी प्रगति संतोषजनक नहीं पायी गयी. समिति ने निर्देश दिया कि किसानों के बीच भुगतान सुनिश्चित करें. कहा कि सरकार ने छह हजार क्विंटल बीज वितरण करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक 1400 क्विंटल ही बीज वितरण किया गया है. यह लक्ष्य से काफी पीछे है. समिति ने विशेष प्रमंडल की ओर से बनाये जा रहे आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण की समीक्षा की. लेकिन इसकी प्रगति संतोषप्रद नहीं पायी. समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे की संख्या नगण्य है.
इसकी जांच करायी जायेगी. समिति ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को पांच जुलाई तक जांच रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश दिया. यह भी पाया गया कि सरकारी स्कूलों में मात्र 50 प्रतिशत ही बिजली की व्यवस्था की गयी है जो दुर्भाग्यपूर्ण है. बैठक में डीडीसी किरण कुमारी पासी, डीइओ निर्मला कुमारी बरेलिया, जिला कृषि पदाधिकारी ब्रजेश्वर दूबे, जिला सहकारिता पदाधिकारी मनोज कुमार, पेयजल व स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर, लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता गोपाल जी, प्रभारी डीएसडब्ल्यूओ पम्मी सिन्हा, कार्यपालक विद्युत अभियंता मो इफ्तेखार आलम व सहायक विद्युत अभियंता समीर कुमार आदि मौजूद थे.
क्या कहते हैं एमडी
एमडी सह जिला सहकारिता पदाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि गिरिडीह जिले में कृषि और गैर कृषि कार्यों के लिए 2 करोड़ का ऋण बकाया है. इस ऋण का वसूली हो जाने से जनसंवाद और जिला प्रशासन के ई समाधान में सहकारिता से जुड़े आने वाले मामले में काफी गिरावट आएगी. इसके लिए उपायुक्त को पत्र लिखा जा रहा है, ताकि वहां से एक पत्र पुलिस विभाग को जाये और संबंधित थानों की पुलिस वारंटी लोगों को गिरफ्तार कर और कुर्की की कार्रवाई कर सके.
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