स्मार्ट मीटर बना ग्रामीणों के लिए मुसीबत, बड़गड़ में किसी का 11 तो किसी का 77 हजार रुपये आया बिल

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स्मार्ट मीटर बना ग्रामीणों के लिए मुसीबत (AI Generated Image)

झारखंड के बड़गड़ में स्मार्ट मीटर लगने के बाद ग्रामीणों को हजारों रुपये का बिजली बिल मिला है। उपभोक्ता बिल में सुधार के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं।

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घनश्याम सोनी की रिपोर्ट बड़गड़ (गढ़वा ) . झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के घरों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं . बड़गड़ प्रखंड क्षेत्र में नया स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं को अनियमित और अत्यधिक बिजली बिल मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं . अचानक बढ़े हुए बिलों को लेकर उपभोक्ताओं में बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश देखा जा रहा है .

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स्मार्ट मीटर लगाने से पहले शून्य था बकाया

जानकारी के अनुसार, बड़गड़ प्रखंड के टेगारी गांव में विभाग द्वारा बीते 27 जुलाई को दर्जनों ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के घरों में पुराने मीटर हटाकर नए स्मार्ट मीटर लगाए गए थे . उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के समय उनके पुराने बिजली बिल का बकाया पूरी तरह से शून्य था . इतना ही नहीं, राज्य सरकार द्वारा संचालित 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ भी उन्हें लगातार मिल रहा था . लेकिन नया स्मार्ट मीटर लगे अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है कि कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल में अचानक हजारों रुपये की राशि जुड़कर आ गई है .

हैरान हैं ग्रामीण

बिजली बिल देखकर उपभोक्ता हैरान और परेशान हैं . गांव के उपभोक्ता चंद्रेश्वर प्रसाद, अंजानी प्रसाद और पन्ना देवी को करीब 11 हजार रुपये का बिल मिला है, जबकि अन्य कुछ ग्रामीणों का बिल 33 हजार और किसी का 77 हजार रुपये से भी अधिक आया है . उपभोक्ताओं का कहना है कि इतने कम समय में इतनी बड़ी राशि का बिजली बिल आना पूरी तरह समझ से परे है.

विभाग के काट रहे चक्कर

ग्रामीणों ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले उनके घरों में बिजली की खपत के अनुसार बेहद सामान्य बिल आता था . लेकिन नया मीटर लगते ही बिल की राशि में हुई अप्रत्याशित वृद्धि ने उनकी कमर तोड़ दी है . इस आर्थिक परेशानी के बीच अब उपभोक्ताओं को बिल में सुधार कराने के लिए विभागीय कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं . ग्रामीणों का कहना है कि यदि मीटर या बिलिंग प्रणाली में कोई तकनीकी गड़बड़ी है, तो विभाग को इसकी तत्काल जांच कर सुधार करना चाहिए .

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जांच और संशोधन की मांग

उपभोक्ताओं ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के उच्च अधिकारियों से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है . ग्रामीणों की मांग है कि स्मार्ट मीटर की रीडिंग, पिछले मीटर की रीडिंग और वर्तमान बिल की राशि का सही मिलान कराया जाए, ताकि वास्तविक खपत के आधार पर ही सही बिल जारी हो . साथ ही गलत बिलों को तुरंत संशोधित कर ग्रामीणों को कार्यालय के चक्कर काटने से राहत दी जाए .

क्या कहते हैं पदाधिकारी

जिन भी उपभोक्ताओं के पास त्रुटिपूर्ण बिजली बिल गया है, वे लिखित आवेदन दें . आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कराई जाएगी और जांचोपरांत समस्या का उचित निराकरण किया जाएगा . दीपक कुमार, कनीय अभियंता , बड़गड़


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