भवनाथपुर: चार दशक पुरानी रेल की मांग, अब कोन में भी शुरू हुआ आंदोलन

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रेल चलाओ संघर्ष समिति की बैठक में शामिल जनता | Prabhat Khabar Network

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कोन में रेल सेवा की पुरानी मांग को लेकर संघर्ष समिति की बैठक हुई. इसमें लक्ष्मी कुमार जायसवाल को समिति का अध्यक्ष चुना गया. नवगठित समिति ने रेल सेवा शुरू होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया, जिससे क्षेत्र के 5 लाख लोगों को आवागमन और विकास की सुविधा मिलेगी.

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भवनाथपुर से विजय सिंह की रिपोर्ट

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भवनाथपुर. उत्तर प्रदेश के कोन जनपद में मेराल से भवनाथपुर, कोन और सलईबनवा को जोड़ते हुए रेलवे लाइन का निर्माण कर रेल सेवा शुरू करने की मांग को लेकर रविवार को लक्ष्मी कुमार जायसवाल के सभागार में रेल चलाओ संघर्ष समिति की बैठक हुई. बैठक का नेतृत्व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गढ़वा रघूराज पांडेय ने किया. इसमें कोन क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. बैठक के बाद लोगों ने कोन से रेल चलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.

लक्ष्मी कुमार जायसवाल बने अध्यक्ष

बैठक में रेल संघर्ष समिति, गढ़वा झारखंड के पदाधिकारियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने सर्वसम्मति से लक्ष्मी कुमार जायसवाल को समिति का अध्यक्ष चुना. वहीं बृज कुमार जायसवाल, सुनील जायसवाल, विमलेश यादव, सुरेंद्र जायसवाल, श्रवण जायसवाल और अवधेश राय को उपाध्यक्ष बनाया गया. विजय शंकर जायसवाल और अलखनारायण जायसवाल को महामंत्री, जबकि शिवप्रसाद गुप्ता, धीरेंद्र जायसवाल, विदेश निषाद, अजय जायसवाल, मंहगू राम, वसीउल हसन और प्रेमचंद यादव को मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई.

संतोष जायसवाल और संतोष पासवान को कोषाध्यक्ष तथा शशांक शेखर मिश्रा को संयोजक बनाया गया. इसके अलावा वंशीधर, सुशील चतुर्वेदी, सुशील जायसवाल, जोखन यादव, राकेश तिवारी, रामकुमार जायसवाल, सुजीत यादव, हृदय निवास पांडेय, दिनेश गुप्ता और कमलेश कुमार को संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई.

रेल सेवा शुरू होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प

नवनियुक्त पदाधिकारियों ने कोन से रेल सेवा शुरू होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया. समिति के अध्यक्ष लक्ष्मी कुमार जायसवाल ने कहा कि कोन क्षेत्र आज भी विकास की दृष्टि से पिछड़ा हुआ है. रेल सेवा शुरू होने से क्षेत्र के करीब पांच लाख लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी और विकास को गति मिलेगी. बैठक के दौरान संघर्ष समिति के सदस्यों ने रेल सेवा शुरू होने तक आंदोलन जारी रखने की शपथ ली.

चार दशक पुरानी मांग ने फिर पकड़ा जोर

उल्लेखनीय है कि मेराल-भवनाथपुर-चोपन तक ट्रेन चलाने की पिछले चार दशक पुरानी मांग ने फिर से जोर पकड़ लिया है. लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है. इसके पूर्व भवनाथपुर, बरडीहा, मझिआंव, अरसली उत्तरी पंचायत तथा मेराल से भवनाथपुर के बीच और भवनाथपुर से चोपन के बीच रेल चलाओ संघर्ष समिति की लगातार बैठकें हो रही हैं और भारी संख्या में लोगों का समर्थन मिल रहा है.

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