5 करोड़ की पिताजुड़ी जलापूर्ति योजना फेल, बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण

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फोटो: झाड़ियों से घिरा पिताजुड़ी पेय जलापूर्ति योजना  | Prabhat Khabar Network

चाकुलिया में 5 करोड़ की पिताजुड़ी जलापूर्ति योजना विभागीय लापरवाही के कारण फेल हो गई है। 12 गांवों के लोग पानी की एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।

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राकेश सिंह, चाकुलिया

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चाकुलिया प्रखंड के चंदनपुर में वर्ष 2016 में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से शुरू पिताजुड़ी ग्रामीण जलापूर्ति योजना विभागीय बेपरवाही के कारण फेल साबित हो गयी है. योजना के तहत करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिये गये, लेकिन आज तक स्थानीय ग्रामीणों के हलक तक नल से पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है. स्थिति यह है कि विगत 5 मार्च 2025 को स्थानीय विधायक समीर मोहंती ने इस गंभीर मुद्दे को विधानसभा के पटल पर भी रखा था, इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों की नींद नहीं टूटी. इस योजना का मुख्य लक्ष्य स्वर्णरेखा नदी से दो मोटरों के जरिए पानी खींचकर चंदनपुर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक लाना था.

यहां पाइप से लाये गये पानी को फिल्टर कर 50 फीट ऊंचे जलप्रपात (टंकी) में इकट्ठा कर चंदनपुर, डाकुई, पिताजुड़ी, श्यामसुंदरपुर, बडतोलिया, छोटा व बड़ा गाड़ियास, पुखुरिया, शाकाभांगा और गड़गड़िया सहित 12 गांवों के हर घर में नल से पहुंचाना था. ग्रामीणों का कहना है कि आज यह पंप हाउस और विशाल टंकी सिर्फ सफेद हाथी बनकर उन्हें मुंह चिढ़ा रही है. इस संबंध में विभागीय सहायक अभियंता शिव कुमार दिनकर का तर्क है कि योजना में कोई तकनीकी खराबी नहीं है, बल्कि संचालन के लिए विभाग से कर्मचारी नहीं मिले हैं. अब ग्राम समिति बनाकर इसे सौंपने की तैयारी है.

ग्रामीणों में भारी आक्रोश

स्थानीय ग्रामीण छविलाल मांडी, मोहन टुडू और हीरज दास सहित दर्जनों लोगों ने कहा कि वे हर दिन पानी के संकट से दो-चार हो रहे हैं. कनीय अभियंता भगीरथ कुमार के अनुसार, जल्द ही समिति बनाकर पंप हाउस का संचालन और पानी बिल कलेक्शन की जिम्मेदारी ग्रामीणों को सौंपी जायेगी.


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