दारीसाई अनुसंधान केंद्र में अवैध रूप से काटे गये 30 पेड़, वनपाल ने जांच की

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26जी 22- दारीसाई परिसर में काटे गये पेड़. 26जी 23- जांच करती वन विभाग की टीम | Prabhat Khabar Network

26जी 22- दारीसाई परिसर में काटे गये पेड़. 26जी 23- जांच करती वन विभाग की टीम | Prabhat Khabar Network

घाटशिला के दारीसाई अनुसंधान केंद्र में बिना अनुमति 30 पेड़ काटे जाने पर वन विभाग ने जांच शुरू की है. दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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घाटशिला वन क्षेत्र के दारीसाई स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र परिसर से अवैध तरीके से पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है. रविवार शाम वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की. वनपाल संजय दास और वनरक्षी बलराम सिंह मुंडा ने परिसर का निरीक्षण कर पेड़ों की कटाई से संबंधित जानकारी जुटायी. यह मामला जेएलकेएम पार्टी के नेता रामदास मुर्मू द्वारा उठाये जाने के बाद सामने आया. जांच के दौरान वनपाल संजय दास ने बताया कि प्रथम दृष्टया बिना वन विभाग से एनओसी लिए पेड़ों की कटाई करने की बात सामने आयी है. उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच के बाद दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जायेगी. कटे हुए पेड़ों से प्राप्त लकड़ियों को सीज करने की प्रक्रिया भी की जायेगी. वनपाल ने बताया कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 80 सीएफटी लकड़ी काटे जाने की बात सामने आयी है. कुछ लकड़ियों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट भी किया गया है.

सभी पहलुओं की जांच होगी : वनपाल

परिसर में लगभग 25 से 30 पेड़ों की कटाई का अनुमान है. इनमें जामुन, नीम, चकुंडी, कुसुम, सिरिस और एकासिया समेत अन्य प्रजातियों के पेड़ शामिल हैं. उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद यह भी पता लगाया जायेगा कि पेड़ों की कटाई किसके आदेश पर और किस उद्देश्य से की गयी. लकड़ी खरीदने वालों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी. वनपाल संजय दास ने कहा कि मामले की जानकारी अंचलाधिकारी को भी दी जायेगी, ताकि सरकारी भूमि और परिसर में पेड़ों की कटाई से जुड़ी सभी पहलुओं की जांच की जा सके. इधर जेएलकेएम पार्टी के नेता रामदास मुर्मू ने कहा कि दारीसाई क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में पेड़-पौधों पर शोध और अनुसंधान का काम होता है. ऐसे महत्वपूर्ण परिसर में ही बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई होना गंभीर मामला है. उन्होंने वन विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. मौके पर विश्वनाथ महतो, खोकन महतो, साहिल मुर्मू समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.

दारीसाई क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र कैंप के अंदर कई पेड़ आंधी-बारिश में डैमेज हो गये थे. जड़ से पेड़ उखड़ जाने से कैंप की दीवार टूट रही थी. कई जगह दीवार ध्वस्त हो गयी है. पेड़ों के कारण बिजली प्रभावित हो रही थी. इसलिए पेड़ों को कटवाया गया है. यह सरकारी संस्थान है. बिरसा कृषि विवि को इसकी जानकारी दी गयी है. घाटशिला के अंचलाधिकारी को भी सूचना दी गयी है. लकड़ी के कारोबारी भवानी गोप पेड़ों को कटवा रहा है. काटे गये पेड़ों को अन्यत्र ले जाने के लिए भवानी गोप वन विभाग से ट्रांजिट परिमट लेगा. - डॉ एन सलाम, सह निदेशक, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, दारीसाई.


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मो. युनूस परवेज

लेखक के बारे में

By मो. युनूस परवेज

मो. युनूस परवेज वर्ष 1995 से पत्रकारिता कर रहे हैं. उन्होंने घाटशिला महाविद्यालय और रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और राजनीतिक विज्ञान ऑनर्स की डिग्री हासिल की है. इनकी राजनीति, अपराध, नक्सलवाद, खेल, शिक्षा और खेती किसानी की खबरों में विशेष रुचि है. डिजिटल जर्नलिज्म में 5 साल का अनुभव है.

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