मरीज की मौत पर अस्पताल में हंगामा

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घाटशिला : घाटशिला अनुमंडल अस्पताल से पेट दर्द की प्राथमिक इलाज करा बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल गये पावड़ा पंचायत के फुलडुंगरी निवासी टेंपो चालक बबलू गोराई (40) की सोमवार को मौत हो गयी. बबलू की मौत के बाद चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने अनुमंडल अस्पताल में जम कर […]

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घाटशिला : घाटशिला अनुमंडल अस्पताल से पेट दर्द की प्राथमिक इलाज करा बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल गये पावड़ा पंचायत के फुलडुंगरी निवासी टेंपो चालक बबलू गोराई (40) की सोमवार को मौत हो गयी. बबलू की मौत के बाद चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने अनुमंडल अस्पताल में जम कर हंगामा किया. ग्रामीणों के डर से चिकित्सकों को छुपना पड़ा. घटना की जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया.

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निर्जी नर्सिंग होम से लेकर आये थे अनुमंडल अस्पताल : जानकारी के अनुसार, बबलू को सोमवार की सुबह पेट में दर्द शुरू हुआ. परिजन उसे सुबह लगभग 6:20 बजे घाटशिला के सुवर्णरेखा निजी नर्सिंग होम लेकर गये. चिकित्सकों ने बबलू को इंजेक्शन दिया. इसके बाद उसकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उसे रेफर कर दिया. परिजन एंबुलेंस से उसे घाटशिला अनुमंडल अस्पताल लेकर गये. बाकी पेज 15 पर हां भी डॉक्टर ने इंजेक्शन देकर उसे एमजीएम जमशेदपुर रेफर कर दिया. पर परिजन उसे घर ले आये. लगभग साढ़े दस बजे परिजन व ग्रामीण उसे दोबारा घाटशिला अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे,
जहां डॉक्टर ने बबलू को मृत घोषित कर दिया. इसकी सूचना मिलते ही परिजन व ग्रामीण उग्र हो गये. उनका आरोप था कि गलत इलाज होने के कारण ही बबलू की मौत हो गयी. ग्रामीणों के उग्र रूप के कारण डॉ रश्मि समेत अन्य चिकित्सक अस्पताल में छुप गये. इसके बाद पुलिस आयी और मामले को शांत कराया. अनुमंडल अस्पताल में बवाल के बीच कुछ ग्रामीणों बबलू को घाटशिला के ही सिंह नर्सिंग होम लेकर गये. यहां भी चिकित्सकों ने उसे मृत बताया. इसके बाद परिजन बबलू के शव को लेकर घर चले गये.
टेंपो चालक था बबलू, अनुमंडल अस्पताल से एमजीएम किया गया था रेफर
परिजनों का आरोप
घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में इलाज के बाद बिगड़ी स्थिति
मरीज को पेट में दर्द की शिकायत थी. उसे पेट दर्द से राहत और गैस की इंजेक्शन दी गयी. इसके बाद दवा देकर उसे एमजीएम रेफर कर दिया गया था.
– डॉ रश्मि डी बारा
मेरे पति बबलू गोराई को पेट में मामूली दर्द था. अस्पताल में इंजेक्शन देने के बाद उसकी स्थिति बिगड़ गयी.
-कुसुम गोराई, पत्नी
पेट दर्द होने पर बबलू को साढ़े दस बजे अस्पताल लेकर आये थे. उस समय वह होश में था. उसकी मौत कैसे हुई, यह चिकित्सक ही बता सकते हैं.
– किंकर दास, वार्ड सदस्य, पावड़ा
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