दुमका में खाने की गुणवत्ता पर प्रशासन सख्त, रेस्टोरेंट से हॉस्टल तक होगी नियमित जांच

Updated:
विज्ञापन

बैठक के दौरान दिशा-निर्देश देते उपायुक्त अभिजीत सिन्हा | Prabhat Khabar Network

दुमका उपायुक्त ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए. मानकों के विपरीत सामग्री मिलने पर होटल और स्कूलों पर होगी सख्त कार्रवाई.

विज्ञापन

दुमका : जिलेवासियों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने को लेकर उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में उन्होंने जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.

आपके शहर में

विज्ञापन

होटल-ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों की होगी जांच

उपायुक्त ने फूड सेफ्टी ऑफिसर को जिले के सभी रेस्टोरेंट, होटल, ढाबा एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में उपलब्ध और उपयोग की जा रही खाद्य सामग्री की नियमित एवं सघन जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की विशेष रूप से जांच करने को कहा गया.

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान किसी रेस्टोरेंट, होटल, ढाबा अथवा अन्य खाद्य प्रतिष्ठान में खाद्य सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पायी जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी. दोषी प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाने के साथ आवश्यकता के अनुसार प्रतिष्ठान को सील करने की कार्रवाई भी की जायेगी.

खाद्य गुणवत्ता से समझौता नहीं

उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा. आमजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि जिले में उपलब्ध और परोसी जा रही खाद्य सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हो. उन्होंने फूड सेफ्टी ऑफिसर को नियमित जांच करते हुए अनियमितता मिलने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

आवासीय विद्यालयों में भोजन की भी होगी जांच

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों सहित अन्य आवासीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराये जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी नियमित जांच करने का निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन उपलब्ध कराया जाने वाला भोजन निर्धारित मानकों के अनुरूप होना आवश्यक है. इसके लिए विद्यालयों में भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री के साथ छात्रों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की जाये.

बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर जोर

उपायुक्त ने कहा कि बच्चों एवं छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों सहित जिले के अन्य आवासीय विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाये.

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जिलेवासियों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola