कोल टेस्टिंग बोरिंग के खिलाफ गूंजा विरोध, किसान महासभा से जुड़े सैकड़ों किसान
बांसपहाड़ी हटिया मैदान में जुटे ग्रामीण, रैयत व माले कार्यकर्ता. | Prabhat Khabar Network
झारखंड के दुमका में अखिल भारतीय किसान महासभा की सदस्यता अभियान को लेकर बैठक आयोजित की गई. ग्रामीणों ने कोल टेस्टिंग बोरिंग पर आपत्ति जताते हुए इसे बंद करने और आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की.
संवाददाता, दुमका. भाकपा-माले जिला कमेटी दुमका के तत्वावधान में सोमवार को शिकारीपाड़ा प्रखंड के बांसपहाड़ी हटिया मैदान में अखिल भारतीय किसान महासभा के सदस्यता अभियान को लेकर बैठक आयोजित की गई. बैठक में बांसपहाड़ी, बांकीजोर और हीरापुर पंचायत के ग्रामीणों, किसानों, मजदूरों और रैयतों ने भाग लिया. बैठक की अध्यक्षता सोनोत मुर्मू ने की, जबकि संचालन सागेन मुर्मू ने किया.
बैठक की शुरुआत नेपाल में आई भीषण बाढ़ में मारे गए लोगों और राज्य के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई. इसके बाद ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा, कोल टेस्टिंग बोरिंग बंद करने तथा आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की.
10 हजार लोगों को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्य अतिथि भाकपा-माले जिला संयोजक सह राज्य कमेटी सदस्य भुण्डा बास्की, सुभाषचंद्र मंडल और पलटन हांसदा ने कहा कि अखिल भारतीय किसान महासभा का पांचवां राष्ट्रीय सम्मेलन आगामी 20 और 21 सितंबर को जालंधर, पंजाब में आयोजित होना है. सम्मेलन से पहले क्षेत्र के 10 हजार लोगों को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
इसी अभियान के तहत बांसपहाड़ी में आयोजित बैठक में सैकड़ों किसानों ने किसान महासभा की सदस्यता ग्रहण की. नेताओं ने ग्रामीणों से संगठन को मजबूत करने और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर एकजुट होने की अपील की.
कोल टेस्टिंग बोरिंग को लेकर प्रशासन पर निशाना
बैठक में नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पिछले कई महीनों से ग्रामीणों की सहमति के बिना जबरन कोल टेस्टिंग बोरिंग कराई जा रही है. इसका विरोध करने वाले ग्रामीणों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें परेशान किया जा रहा है.
वक्ताओं ने कहा कि आंदोलनकारी रायमुनी सोरेन पिछले तीन महीने से जेल में बंद हैं. उन्होंने जिला प्रशासन से क्षेत्र में चल रहे कोल टेस्टिंग कार्य पर तत्काल रोक लगाने और आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की.
जमीन अधिग्रहण की कोशिश पर आंदोलन की चेतावनी
बैठक में वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि ग्रामीणों की जमीन जबरन अधिग्रहण करने की कोशिश की गई तो इसके खिलाफ व्यापक और उग्र आंदोलन किया जाएगा. नेताओं ने कहा कि जल, जंगल और जमीन ग्रामीणों की आजीविका तथा पहचान से जुड़े हैं और इनके संरक्षण के लिए संगठन ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा.
ये रहे मौजूद
बैठक में ग्राम प्रधान सोनत मुर्मू, मितन मरांडी, मंगल मुर्मू, बुद्धय किस्कू, खाते मुर्मू, पिंटू बास्की, सुरेश मुर्मू, रामेश्वर टुडू, संन्यासी हेंब्रम, सुतीलाल बास्की, बरीस हेंब्रम, मीकू टुडू, माकू हांसदा और आरती हांसदा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
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