पीडीएस दुकानदारों को ही नहीं आम लोगों को भी हो रही परेशानी

Updated at : 28 Apr 2017 1:49 AM (IST)
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पीडीएस दुकानदारों को ही नहीं आम लोगों को भी हो रही परेशानी

परेशानी. पहाड़ी पर चढ़ने के बाद भी नहीं मिल रहा नेटवर्क नेटवर्क नहीं रहने से दुमका प्रखंड में राशन वितरण प्रभावित हो रहा है. इससे लाभुकों को परेशानी का समना करना पड़ रहा है. लाेग राशन के लिए बार-बार दुकान का चक्कर काट रहे है. दुमका : एक ओर झारखंड डिजिटल और कैशलेस के ओर […]

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परेशानी. पहाड़ी पर चढ़ने के बाद भी नहीं मिल रहा नेटवर्क

नेटवर्क नहीं रहने से दुमका प्रखंड में राशन वितरण प्रभावित हो रहा है. इससे लाभुकों को परेशानी का समना करना पड़ रहा है. लाेग राशन के लिए बार-बार दुकान का चक्कर काट रहे है.
दुमका : एक ओर झारखंड डिजिटल और कैशलेस के ओर आगे कदम बढ़ाये जा रही है, वहीं दुमका प्रखंड के दरबारपुर पंचायत के कई गांवों में नेटवर्क नहीं मिलने से पीडीएस दुकानदार और लाभुक ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है. लाभुकों को राशन और केरोसिन लेने के लिय दो से चार दिन लग जा रहे हैं. इस पंचायत के कुलडीहा गांव में स्थित पीडीएस दुकानदार और लाभुक को नेटवर्क पाने के लिये पहाड़ में चढ़ना पड़ रहा है. कभी-कभी पहाड़ पर चढ़ने पर भी नेटवर्क नहीं मिलता है.
बुजुर्ग और महिलाओं को पहाड़ में चढ़ने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. इस स्थिति में लाभुक को सामान लेने में दो से चार दिन लग जाते है. ग्रामीणों का कहना है कि इसका लाभ लेने के लिये हम गरीब ग्रामीणों को अपना मजदूरी और खेती-बारी काम उस दिन छोड़ना पड़ता है. ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि जब तक यहां नेटवर्क दुरुस्त नहीं होता, तब तक उन्हें पुराने पद्धति से ही राशन दिया जाय. कुलडीहा गांव में किसी भी मोबाइल नेटवर्क का सिग्नल नहीं आता है. ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को गांव में मोबाइल टावर के लिय मुख्यमंत्री जनसंवाद के माध्यम से 29 जनवरी को आवेदन दिया है. उसके बाद भी सरकार के तरफ से अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है.
रोहरापाड़ा पीडीएस दुकान की भी वहीं स्थिति है. वहां के लाभुक भी चार किलो मीटर पैदल चल कर रानीबहाल जाते हैं तब जाकर इ पॉस मशीन को नेटवर्क मिलता है. छोटू टुडू,मंगल हेंब्रम, शिबू मुर्मू, रसीदी टुडू, रामेश्वर टुडू, सोनामुनी हेंब्रम, सोनिया टुडू, बाले मुर्मू, संतोषनी सोरेन, एमेली हांसदा, गुबिराम हेंब्रम, पुटूर मरांडी आदि ने बताया कि इ पॉस की यह व्यवस्था सुविधा के लिए बनी है. पर इससे उलटे इस इलाके में परेशानी बढ़ गयी है. असुरदाहा में भी ग्रामीणों को ऐसी ही परेशानी से जूझना पड़ रहा है.
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