थाना प्रभारी पर जानलेवा हमला मामले में 20 पुलिस कर्मी बरी

Published at :07 Aug 2016 2:41 AM (IST)
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थाना प्रभारी पर जानलेवा हमला मामले में 20 पुलिस कर्मी बरी

दुमका कोर्ट : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेंद्र नाथ पांडे न्यायालय में सत्र वाद संख्या 222\\09 नगर थाना कांड संख्या 47\\2000 में सुनवाई के पश्चात 20 आरोपित को रिहा कर दिया. रिहा होने वाले सिपाही टीपू राय, प्रेम कुमार सिंह, विनोद कुमार झा, उमाशंकर सिंह, अनिल कुमार सिंह, रामराज सिंह, देवकरन सिंह, नवीन कुमार, […]

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दुमका कोर्ट : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेंद्र नाथ पांडे न्यायालय में सत्र वाद संख्या 222\\09 नगर थाना कांड संख्या 47\\2000 में सुनवाई के पश्चात 20 आरोपित को रिहा कर दिया. रिहा होने वाले सिपाही टीपू राय, प्रेम कुमार सिंह, विनोद कुमार झा, उमाशंकर सिंह, अनिल कुमार सिंह, रामराज सिंह, देवकरन सिंह, नवीन कुमार, सत्येंद्र नारायण सिंह, गायत्री देवी, भवन सोरेन, नोरेन सोरेन, जगरनाथ राम, बबलू मुर्मू, रामविलास रविदास, शंभु कुमार राय, बास्की यादव, छोटेलाल यादव, विद्युत भूषण सिंह, मुकेश कुमार है.

307,149,147,148,452,353,379,323 के तहत पुलिस वालों के विरुद्ध 17 मार्च 2000 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. न्यायालय में ट्रायल के दौरान केवल चार गवाह ही परीक्षण के लिए न्यायालय में उपस्थित हुए. परीक्षण के दौरान किसी गवाह ने अभियुक्त को पहचान नहीं किया. खुद राज कपूर ने भी किसी की पहचान नहीं की. ओडी ड्यूटी पर तैनात एएसआइ ताराकांत ठाकुर ने थाना कांड संख्या 46\\2000 में भादवि की धारा 147,148,149,323,307,353,379,427,333 के तहत सिपाही प्रेम कुमार सिंह सहित 9 नामजद 15-16 अज्ञात सिपाही के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
दोनो मामले की सुनवाई एक साथ न्यायालय में हुई और साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया. अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी अवध बिहारी सिंह बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सोमा गुप्ता और शंकरलाला बसईवाला ने केस की पैरवी की.
16 वर्ष बाद आया थाना प्रभारी राजकपूर पर जानलेवा हमला मामले में फैसला
आरोपित 20 पुलिस रिहा
थानेदार को उनके आवास से खींच कर थाना लाकर कर दी थी जमकर पिटाई
जान बचाने के लिए राजकपूर को हाजत में बंद किया था डीएसपी ने
हाजत में बंद राजकपूर को जलाने के लिए सिपाहियों ने हाजत में फेंका था पेट्रोल
गवाहों ने राजकपूर सहित सभी आरोपियों की पहचान करने से किया इनकार
क्या था पूरा मामला
घटना 17 मार्च 2000 को नगर थाना प्रभारी राजकपूर अपने क्वार्टर में थे. सुबह पुलिस लाइन के 30-35 हवलदार और पुलिस उग्र होकर थाना प्रभारी के क्वार्टर पर गाली-गलौज करते हुए पहुंचे और दरवाजा तोड़ कर अंदर घुस गये और ईंट-पत्थर बरसाने लगे. राजकपूर को घसीट कर थाना परिसर में लाकर बुरी तरह जख्मी कर दिया. बीएमपी के जवान ने उसकी जान बचायी. सूचना पाते ही डीएसपी अनिल कुमार सिंह ने थाना प्रभारी राजकपूर को हाजत में बंद कर दिया.
उसी दौरान पुलिस से नाराज असामाजिक लोग थाना पहुंच कर जमकर बवाल किया. हाजत में बंद राजकपूर को जलाने के लिए हाजत में पेट्रोल डाल दिया. डीएसपी राजकपूर को हाजत से निकाल कर थाना सिरिस्ता में रखा. घटना को लेकर थाना प्रभारी राजकपूर ने भादवि की धारा
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