सुदिव्य सोनू की पर्यटन सोच ने बदला धनबाद का नक्शा, चार से 24 हुए टूरिस्ट स्पॉट
मंत्री सुदिव्या सोनू की फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network
झारखंड के पर्यटन मंत्री के निधन के बाद उनके प्रयासों के चलते राज्य के कम चर्चित पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिली है. धनबाद में 4 से बढ़कर 24 हुए पर्यटन स्थल, जिनमें मंदिर, कुंड और डैम शामिल हैं. यह पहल राज्य के अन्य जिलों में भी फैली है.
झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन के बाद उनके कार्यकाल में पर्यटन क्षेत्र के लिए किये गये प्रयास चर्चा में हैं. पर्यटन को कुछ बड़े और पहले से चर्चित स्थलों तक सीमित रखने के बजाय जिलों के कम चर्चित धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों को पहचान दिलाने की दिशा में भी पहल की गयी. धनबाद में इसका असर पर्यटन स्थलों की सूची के विस्तार के रूप में सामने आया. जिले में पहले से अधिसूचित चार पर्यटन स्थलों के अलावा 20 नये स्थलों को पर्यटन मानचित्र में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी.
आपके शहर में
चार से बढ़कर 24 हुए अधिसूचित पर्यटन स्थल
धनबाद में पहले मैथन डैम, पंचेत डैम, तोपचांची झील और भटिंडा फॉल अधिसूचित पर्यटन स्थल थे. जिला पर्यटन संवर्धन परिषद की ओर से जिले के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन मानचित्र में शामिल करने का प्रस्ताव राज्य को भेजा गया था. राज्य पर्यटन संवर्धन समिति ने प्रस्ताव पर विचार के बाद 20 नये स्थलों को अधिसूचित करने पर सहमति दी. इसके बाद जिले में अधिसूचित पर्यटन स्थलों की संख्या चार से बढ़कर 24 हो गयी.

इस विस्तार का उद्देश्य ऐसे स्थलों को भी पर्यटन गतिविधियों से जोड़ना है, जिनका स्थानीय स्तर पर धार्मिक, प्राकृतिक या सांस्कृतिक महत्व है, लेकिन वे अभी तक प्रमुख पर्यटन केंद्रों की सूची में शामिल नहीं थे.
मंदिर, पार्क, गर्म कुंड और डैम भी सूची में
नये स्थलों में धार्मिक और पौराणिक महत्व वाले मंदिरों के साथ प्राकृतिक और मनोरंजन से जुड़े स्थल भी शामिल हैं. इनमें लिलोरी मंदिर कतरास, मां देशवाली मंदिर कच्छी बलिहारी, मोहलबनी काली मंदिर, श्रीश्री रामराज मंदिर, बिरसा मुंडा पार्क, मां झोरबूढ़ी गर्म कुंड, रेली डैम, शक्ति मंदिर, शिव मंदिर पतराकुल्ही, गौरी शंकर धाम, वन काली मंदिर, प्रियदर्शिनी पार्क, श्री बूढ़ा बाबा शिव मंदिर, दलदली आश्रम, दुखहरणी मंदिर, कल्याणेश्वरी मंदिर, लिलोरी मंदिर गंगापुर, राजा तालाब व राजगढ़ मंदिर, गर्म कुंड चरकखुर्द और भागुडी डैम शामिल हैं.
ये भी पढ़ें: झारखंड में 2 दिनों का राजकीय शोक, मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन पर बंद रहेंगे सभी सरकारी दफ्तर
इससे धनबाद के पर्यटन का दायरा डैम, झील और जलप्रपात से आगे बढ़कर धार्मिक, सांस्कृतिक और स्थानीय प्राकृतिक स्थलों तक पहुंचा है.
पुराने पर्यटन स्थलों की श्रेणी बढ़ाने पर भी जोर
नये स्थलों को सूची में शामिल करने के साथ पहले से विकसित पर्यटन केंद्रों के अपग्रेडेशन की दिशा में भी पहल की गयी. पंचेत डैम और तोपचांची झील को श्रेणी सी से बी तथा भटिंडा फॉल को श्रेणी डी से सी में लाने पर सहमति बनी. मैथन डैम पहले से श्रेणी ए में शामिल है.

पर्यटन स्थलों की श्रेणी में सुधार होने से वहां पर्यटक सुविधाओं और आधारभूत संरचना के विकास की संभावनाएं बढ़ती हैं. इससे जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्रों को बेहतर तरीके से विकसित करने का रास्ता भी खुलता है.
दूसरे जिलों के कम चर्चित स्थल भी आये दायरे में
पर्यटन विस्तार की यह पहल केवल धनबाद तक सीमित नहीं रही. लातेहार में झुंझुनिया झरना, जगराहा डैम और डोमाखाड़ पिकनिक स्थल तथा पाकुड़ में जटाधारी शिव मंदिर और भौरी कोचा मंदिर को भी नये पर्यटन स्थलों के रूप में शामिल करने की पहल हुई. इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण, लेकिन अपेक्षाकृत कम चर्चित स्थलों को राज्य के पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाना रहा.
ये भी पढ़ें: मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रभात खबर संवाद में साझा किया था झारखंड के विकास का विजन
पर्यटन बढ़े तो स्थानीय कारोबार को मिल सकता है लाभ
नये पर्यटन स्थलों की पहचान के बाद अब इनके विकास और पर्यटक सुविधाओं को मजबूत करना अगली चुनौती होगी. सड़क, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग, सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और प्रचार-प्रसार जैसी सुविधाएं विकसित होने पर इन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है.

पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय होटल, भोजनालय, दुकान, परिवहन और छोटे कारोबारों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं. धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने से स्थानीय परंपराओं और आयोजनों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है. इस तरह नये स्थलों की पहचान के बाद अब उन्हें वास्तविक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना महत्वपूर्ण होगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए