सबद कीर्तन- गुरवाणी पाठ से निहाल हुआ सिख संगत

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बड़ा गुरद्वारा बैंक मोड़ में मनाया गया खालसा पंथ का सृजना दिवस

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धनबाद.

बड़ा गुरद्वारा बैंक मोड़ में शुक्रवार को खालसा पंथ का सृजना दिवस हर्षोल्लास मनाया गया. इस अवसर पर गुरुद्वारा को फूलों से सजाया गया है. आकर्षक प्रकाश सज्जा की गयी है. गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी भाई दलबीर सिंह ने सोदर रहरास साहिब के पाठ से कार्यक्रम शुरू किया. हजूरी रागी भाई गुरभेज सिंह ने कीर्तन कर सिख संगत को निहाल किया. वहीं तरन तारन पंजाब से आये ढ़ाडी जत्था भाई लवप्रीत सिंह ने ढ़ाडी वार से गुरु गोबिंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला. दरबार साहिब अमृतसर से आए हजूरी रागी भाई नवनीत सिंह ने गुरवाणी का पाठ कर संगत को निहाल किया. कार्यक्रम की समाप्ति के बाद गुरु का लंगर वितरित हुआ. आयोजन में कमेटी के दिलजोन सिंह, गुरजीत सिंह, रजींद्र सिंह, मनजीत सिंह, तीर्थ सिंह, आरएस चहल का सराहनीय योगदान रहा.

आज सजेगा मुख्य दीवान :

13 अप्रैल को गुरुद्वारा के ग्राउंड में मुख्य दीवान सजाया जायेगा. सबद कीर्तन के साथ गुरु गोविंद सिंह की जीवनी पर प्रकाश डाला जायेगा. कार्यक्रम के बाद लंगर लगेगा.

सिख समुदाय का है नया साल :

बैशाखी के दिन सिख समुदाय का नया साल शुरू होता है. नये साल को लेकर सिख समुदाय में उत्साह है. 1699 में 13 अप्रैल को सिखोंं के 10वें व अंतिम गुरु गुरुगोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. इसे सृजना दिवस के रूप में मनाया जाता है.

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