गुरुनानकपुरा गुरुद्वारा में मनाया गया प्रकाश पर्व

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पटियाला से पधारे हजूरी रागी जत्था ने किया सबद कीर्तन

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धनबाद.

जोड़ाफाटक स्थित गुरुनानकपुरा गुरुद्वारा में रविवार को सिखों के छठे गुरु हरगोविंद सिंह का प्रकाश पर्व मनाया गया. इस अवसर पर गुरुद्वारा के हॉल में विशेष दीवान सजाया गया. सुबह से ही श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा पहुंचकर गुरुग्रंथ साहिब के आगे मत्था टेक कर अरदास किया. पटियाला से पधारे हजूरी रागी जत्था जसकरण सिंह एवं साथियों ने आशा दी वार का पाठ किया और सबद गायन “पंज प्याले पंज पीर, छठम गुरु बैठा गुर भारी…, तेरा किया मीठा लागै हर नाम पदारथ नानक मांगै.. कर संगत को निहाल किया.

गुरु हरगोविंद साहेब ने सिख समुदाय को सेना के रूप में संगठित किया :

सहानाबाद धर्म प्रचारक ज्ञानी हरजीत सिंह ने हरगोविंद साहेब की जीवनी पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि हरगोविंद साहिब गुरु अर्जन देव की इकलौती संतान थे. उनका जन्म 1595 में हुआ. सिख समुदाय को एक सेना के रूप में संगठित करने का श्रेय इन्हें ही जाता है. गुरु हरगोविंद सिंह मीरी पीरी ने दो तलवारें धारण की थीं. एक आध्यात्मिक शक्ति के लिए (पीरी) और दूसरा सैन्य शक्ति के लिए (मीरी). इसके बाद श्रद्धालुओं ने लंगर छका. वहीं शाम को कीर्तन दरबार सजाया गया. कार्यक्रम को लेकर कमेटी के अध्यक्ष रवींद्र सिंह राजपाल, सचिव हरजीत सिंह राजपाल, कोषाध्यक्ष जगजीत सिंह राजपाल, हरभजन सिंह, गुरदीप सिंह, परमजीत सिंह, सतपाल सिंह आदि सक्रियता से लगे रहे.

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