दुकानें गुलजार, लेकिन बाजार समिति का खजाना खाली, 559 दुकानों पर 1.85 करोड़ किराया बाकी

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बाजार समिति | Prabhat Khabar Network

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धनबाद समेत जिले की 559 दुकानों पर बाजार समिति का 1.85 करोड़ रुपये किराया बकाया है. दो बार नोटिस के बावजूद 75% दुकानदार भुगतान नहीं कर रहे हैं. अब प्रशासन सख्ती से निपटने की तैयारी में है.

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बाजार समिति की दुकानों में कारोबार तो चल रहा है, लेकिन लंबे समय से किराया जमा नहीं करने के कारण समिति का करीब 1.85 करोड़ रुपये दुकानदारों पर बकाया हो गया है. बाजार समिति के अधीन धनबाद समेत जिले के विभिन्न बाजारों में आवंटित 559 दुकानों से किराया वसूली बड़ी चुनौती बन गयी है. हालांकि, 20 से 25 फीसदी दुकानदार नियमित किराया का भुगतान कर रहे हैं. बकाया राशि को लेकर दुकानदारों को अब तक दो बार नोटिस दिया जा चुका है. दो माह पहले उपायुक्त ने बाजार समिति के राजस्व को लेकर समीक्षा बैठक की थी. बकायेदार दुकानदार पर कार्रवाई का सख्त निर्देश दिया था. इसके आलोक में बाजार समिति प्रशासन ने दो बार नोटिस किया, लेकिन किराया जमा करने की रफ्तार काफी धीमी है. अब बाजार समिति प्रशासन ने बकायेदार दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई का अगला चरण शुरू करने की तैयारी कर ली है. तीसरे नोटिस के बाद भी किराया जमा नहीं करने वाले दुकानदारों का आवंटन रद्द किया जायेगा. बकाया राशि की वसूली के लिए नीलाम पत्र वाद दायर करने की कार्रवाई भी की जायेगी.\\

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धनबाद की 457 दुकानों पर 78.52 लाख बकाया

बकाया किराये का सबसे बड़ा हिस्सा धनबाद बाजार समिति परिसर की दुकानों पर है. यहां 427 दुकान व 30 गोदाम हैं. इन पर 78.52 लाख रुपये किराया बकाया है. वहीं, झरिया की महज 21 दुकानों पर ही 76.79 लाख रुपये बकाया है. यानी धनबाद और झरिया की दुकानों पर कुल 1.55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि फंसी हुई है. अन्य बाजारों की स्थिति भी अलग नहीं है, रणधीर वर्मा चौक की 25 दुकानों पर 11.85 लाख, कुमारधुबी की 15 दुकानों पर 8.22 लाख, बलियापुर की 18 दुकानों पर छह लाख, महाराजगंज की 13 दुकानों पर तीन लाख और केसका की 10 दुकानों पर 1.42 लाख रुपये बकाया हैं.

किराया नहीं देने से समिति के राजस्व पर असर

बाजार समिति की दुकानों से नियमित किराया समिति की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है. बड़ी संख्या में दुकानदारों द्वारा लंबे समय से किराया नहीं देने से समिति का राजस्व प्रभावित हो रहा है. अब प्रशासन बकाया राशि की वसूली के साथ नियमित किराया भुगतान सुनिश्चित कराने की तैयारी में है.

भाड़ा देते हैं, बदले में सुविधाएं तक नहीं मिलती : संघ

जिला खाद्यान्न व्यवसायी संघ के अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने कहा कि बाजार समिति मुख्य प्रांगण के दुकानदार नियमित रूप से भाड़ा देते हैं. कुछ दुकानों पर बकाया हो सकता है, लेकिन, झरिया, निरसा व अन्य बाजार-हाट में व्यवस्थित तरीके से भाड़ा वसूली नहीं होने के कारण भी बकाया होगा. दुकानदारों से भाड़ा लिया जाता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर स्थिति बेहद खराब है. सड़कें जर्जर हैं, स्ट्रीट लाइटें बंद हैं और करीब 15 महीने से सुरक्षा गार्ड तक नहीं हैं. बारिश के दौरान बाजार समिति परिसर की बाउंड्री लगातार गिर रही हैं. जगह-जगह गंदगी का अंबार है और नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं है. समिति को पहले दुकानदारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए.\\

कहां कितनी दुकान, कितना बकाया

बाजार दुकानें बकायाबाजार समिति बरवाअड्डा 457 78.52 लाख

झरिया 21 76.79 लाखबलियापुर 18 6 लाख

महाराजगंज 13 3 लाखकुमारधुबी 15 8.22 लाख

केशका 10 1.42 लाखरणधीर वर्मा चौक 25 11.85 लाख

कुल 559 1.85 करोड़

बाजार समिति द्वारा आवंटित दुकानों का किराया लंबे समय से नहीं आ रहा है. नोटिस के बाद कुछ दुकानदार तो किराया दे रहे हैं, लेकिन 75 फीसदी दुकानदार किराया नहीं दे रहे हैं. दो नोटिस दिया जा चुका है. तीसरा नोटिस के बाद आवंटन रद्द करने के साथ नीलाम पत्र वाद दायर किया जायेगा.

विपुल कुमार, सचिव, बाजार समिति

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