धनबाद: छाताबाद में जोरदार आवाज के साथ फिर धंसी जमीन, एक घर जमींदोज; दर्जनभर आवास क्षतिग्रस्त
एक दर्जन घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त
कतरास के छाताबाद में भू-धंसान की एक और दिल दहला देने वाली घटना हुई है. जोरदार आवाज के साथ जमीन धंसने से एक घर पूरी तरह तबाह हो गया, जबकि करीब दर्जनभर घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. इस घटना से इलाके में भय का माहौल है.
कतरास. बीसीसीएल गोविंदपुर एरिया-3 के छाताबाद ग्राउंड के पास बुधवार शाम करीब 3:30 बजे जोरदार आवाज के साथ फिर भू-धंसान की घटना हुई. इस घटना में मो असगर का घर जमींदोज हो गया, जबकि सामुदायिक भवन, क्लब समेत करीब एक दर्जन घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये. प्रभावित आवासों की स्थिति ऐसी है कि उनमें रहना मुश्किल हो गया है.

भू-धंसान के दौरान दो महिलाएं घर के अंदर फंस गयीं. काफी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. अफरातफरी के दौरान एक महिला की तबीयत बिगड़ गयी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. शुरुआती दौर में राहत कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखा गया.
जोरदार आवाज के बाद मची अफरातफरी
स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार शाम अचानक जोरदार आवाज हुई और देखते ही देखते जमीन धंसने लगी. लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. भू-धंसान की चपेट में एक सामुदायिक भवन और आरजू क्लब भी आ गया. दोनों भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये.
ये भी पढ़ें: धनबाद से गुजरने वाली उपासना-कुंभ एक्सप्रेस का रूट बदला, सितंबर-अक्तूबर में इन तारीखों पर बदलेगा परिचालन
स्थानीय लोगों ने बताया कि छाताबाद में इससे पहले सात जुलाई और सात अगस्त को भी भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी हैं. उन घटनाओं में दर्जनों मकान जमींदोज हुए थे. इसके बाद मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर लंबे समय तक आंदोलन चला, लेकिन प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें अब तक इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिला.
काजू बागान में भी धंसी जमीन, तालाब का पानी समाया
छाताबाद की घटनाओं के बाद काजू बागान में भी दो बार भू-धंसान की घटना हो चुकी है. दोनों घटनाओं में तालाब का पानी जमीन के अंदर समा गया था.

कतरास क्षेत्र के केशलपुर कुम्हार पट्टी में भी भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लोगों की मौत हुई है. कुछ महीने पहले एरिया-3 के टंडाबाड़ी में भू-धंसान की घटना में तीन लोगों की मौत हो गयी थी. लगातार हो रही घटनाओं से कोयला क्षेत्र की बस्तियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है.
इन लोगों के घर हुए क्षतिग्रस्त
भू-धंसान की घटना में मो अरमान, मो आबिद, मो शमीम अंसारी, मो मिन्हाज, मो इस्लाम, मो मिनी, मो कमरुद्दीन, मो रियाज, मो आजम और मो बबलू समेत अन्य लोगों के आवास प्रभावित हुए हैं.
बीसीसीएल ने पहले ही असुरक्षित क्षेत्र घोषित किया था : महाप्रबंधक
गोविंदपुर एरिया के महाप्रबंधक सत्यकाम आनंद ने कहा कि बीसीसीएल प्रबंधन ने उक्त क्षेत्र को पहले ही असुरक्षित घोषित कर रखा है. उन्होंने लोगों से जल्द से जल्द असुरक्षित क्षेत्र खाली करने की अपील की. उन्होंने कहा कि यहां कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है.
महाप्रबंधक ने बताया कि भू-धंसान की घटना के बाद राहत कार्य शुरू कर दिया गया है. प्रभावित लोगों के लिए बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से भोजन और पानी की व्यवस्था की जा रही है.
बीसीसीएल की लापरवाही से हो रही घटनाएं : पार्षद
वार्ड नंबर-2 के पार्षद मो शहाबुद्दीन ने भू-धंसान की लगातार हो रही घटनाओं के लिए बीसीसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण इलाके में लगातार भू-धंसान हो रहा है.
ये भी पढ़ें: नीरज सिंह केस से निखार सबलोक मर्डर तक, शूटर शिबू की पूरी कहानी; धनबाद में पुलिस से मुठभेड़ में घायल
पार्षद ने कहा कि 91 परिवारों को अब तक शिफ्ट नहीं किया गया है. इतनी बड़ी घटना के बाद भी बीसीसीएल प्रबंधन की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है. उन्होंने मांग की कि पूरे प्रभावित क्षेत्र में पंक्चर कर बालू भराई का काम कराया जाये, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए