IIT ISM धनबाद की डॉ शालू रानी को अंतरराष्ट्रीय सम्मान, 6 सदस्यीय ग्लोबल बोर्ड में भारत की एकमात्र प्रतिनिधि

Updated:
विज्ञापन

डॉ शालू रानी  | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

आइआइटी धनबाद की इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ शालू रानी को एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय केमिकल इंजीनियरिंग जर्नल के एडिटोरियल बोर्ड में शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ है. वह छह सदस्यीय बोर्ड में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र सदस्य हैं.

विज्ञापन

धनबाद. आइआइटी आइएसएम धनबाद के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ शालू रानी को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पीयर-रिव्यूड केमिकल इंजीनियरिंग जर्नल के एडिटोरियल बोर्ड में शामिल किया गया है. छह सदस्यीय एडिटोरियल बोर्ड में डॉ शालू भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र भारतीय सदस्य हैं. उनकी नियुक्ति को एनर्जी स्टोरेज, एडवांस्ड मैटेरियल्स और नयी इलेक्ट्रॉनिक तकनीक के क्षेत्र में उनके शोध योगदान की महत्वपूर्ण मान्यता के रूप में देखा जा रहा है.

विज्ञापन

पीयर-रिव्यू और संपादकीय प्रक्रिया में देंगी योगदान

एडिटोरियल बोर्ड की सदस्य के रूप में डॉ शालू जर्नल की पीयर-रिव्यू और संपादकीय प्रक्रिया में योगदान देंगी. वह शोध पत्रों की समीक्षा और जर्नल की शोध प्रकाशन प्रक्रिया से जुड़े कार्यों में भूमिका निभायेंगी.

जर्नल में एनर्जी कन्वर्जन एवं स्टोरेज, एडवांस्ड मैटेरियल्स, सेंसर, बायोमैटेरियल्स समेत कई इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों से संबंधित शोध प्रकाशित होते हैं. ऐसे में एडिटोरियल बोर्ड में उनकी जिम्मेदारी उनके शोध क्षेत्र से भी सीधे जुड़ी है.

सुपरकैपेसिटर और न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग पर शोध

डॉ शालू रानी का शोध एडवांस्ड सुपरकैपेसिटर, माइक्रो-सुपरकैपेसिटर, लिथियम-आयन बैट्री, फ्लेक्सिबल इलेक्ट्रॉनिक्स और न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग के लिए मेमरिस्टर जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है. उनका काम विशेष रूप से ऊर्जा भंडारण और कम ऊर्जा खपत वाली नयी इलेक्ट्रॉनिक तकनीकों से जुड़ा है.

उन्होंने आइआइटी रुड़की से नैनो टेक्नोलॉजी में पीएचडी की है. उनकी डॉक्टोरल रिसर्च लो-पावर वियरेबल इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए टीआइओ2 आधारित फ्लेक्सिबल सुपरकैपेसिटर पर केंद्रित थी. इसके अलावा उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में एमटेक किया है.

शोध और अकादमिक क्षेत्र में उपलब्धि

अंतरराष्ट्रीय जर्नल के एडिटोरियल बोर्ड में शामिल होने से डॉ शालू रानी को अपने शोध क्षेत्र से जुड़े वैश्विक अकादमिक विमर्श में योगदान का अवसर मिलेगा. आइआइटी आइएसएम में इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत ऊर्जा तकनीकों से जुड़े शोध को भी इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलने की उम्मीद है.

ये भी पढ़ें: DHFL Scam Case: ₹1390 करोड़ के निवेश पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, जांच अधूरी फिर भी पूर्व कमिश्नर को राहत कैसे?

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola