<bha>—</bha> 24 कुंडीय महायज्ञ को ले कतरास में निकली कलश यात्रा

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कलश यात्रा जगह-जगह निकाली गयी

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कतरास.

अखिल विश्व गायत्री परिवार कतरास की ओर से शनिवार को 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ को लेकर कलश यात्रा निकाली गयी. कलश यात्रा कतरास गुहीबांध हीरक कैंप से निकली, जो गुहीबांध, कतरास थाना चौक होते हुए सूर्य मंदिर पहुंची. कतरी नदी में 501 महिलाओं ने विधि-विधान के साथ कलश कलश भरा. कलश यात्रा का मारवाड़ी समाज, माहुरी समाज, संकट मोचन मंदिर समिति कतरास के अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया. कलश यात्रा में मुख्य रूप से हरिद्वार से आये विद्वान आचार्य राम तपस्या, सनातन संस्था के प्रमुख प्रदीप खेमका, डॉ डी पटेल, पवन, अर्पित, विभूति शरण, बाल गोविंद गुप्ता, सरस्वती देवी, लता जायसवाल, राजकुमारी शर्मा, कामता प्रसाद सिंह आदि शामिल थे.

कथा सुनने से जीवन का अर्थ समझ में आता है : टीका राम दीक्षित

: लोयाबाद. श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है. जन्म लेने से ही लोग अपने जीवन के अर्थ का बोध नहीं कर पाता है. बचपन से लेकर मृत्यु तक वह सांसारिक गतिविधियों में ही लिप्त होकर इस अमूल्य जीवन को नरक बना देता है. श्रीमद्भागवत ऐसी कथा है, जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है. उक्त बातें बांसजोड़ा में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम चरित मानस महायज्ञ में वृंदावन मथुरा से आये कथावाचक पंडित टीका राम दीक्षित ने कही. कहा श्रीकृष्ण का जन्म मनुष्य जीवन के उद्धार के लिए हुआ था. यज्ञ को सफल बनाने में यज्ञ समिति के सचिव व यजमान राजकुमार महतो, मुस्लिम कमेटी के महामंत्री मो असलम मंसूरी, रवि चौबे, रामेश्वर तुरी, गौतम रजक, मुकेश साव, राहुल पांडेय, अंकी सिंह, श्रवण यादव आदि योगदान दे रहे हैं.

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