वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए निगम के पास जमीन नहीं
Updated at : 10 Feb 2020 6:56 AM (IST)
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धनबाद : वेस्ट टू एनर्जी आधारित प्लांट के लिए नगर निगम को जमीन नहीं मिल रही है. पुटकी के बाद सिंदरी की जमीन का मामला भी लटक गया है. बीसीसीएल के पुटकी में 38 एकड़ जमीन नहीं मिलने के कारण ए टू जेड कंपनी ने काम छोड़ दिया था. पांच साल के बाद 2019 में […]
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धनबाद : वेस्ट टू एनर्जी आधारित प्लांट के लिए नगर निगम को जमीन नहीं मिल रही है. पुटकी के बाद सिंदरी की जमीन का मामला भी लटक गया है. बीसीसीएल के पुटकी में 38 एकड़ जमीन नहीं मिलने के कारण ए टू जेड कंपनी ने काम छोड़ दिया था. पांच साल के बाद 2019 में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए रैमकी से करार हुआ. तय हुआ कि वेस्ट टू एनर्जी के लिए सिंदरी में जमीन दी जायेगी.
छह माह बीत गये लेकिन न तो जमीन स्थानांतरित हुई और न ही लीज पर मिली. एफसीआइ द्वारा जमीन स्थानांतरण को लेकर 301 करोड़ रुपये मांगे जाने से मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया है. हालांकि निगम का तर्क है कि सर्किल रेट पर जमीन स्थानांतरण का प्रावधान है. सिंदरी के सर्किल रेट के हिसाब से जमीन की कीमत 12 से 13 करोड़ होगी.
रैमकी के लिए भी जमीन बन रही समस्या : ए टू जेड के बाद रैमकी को भी जमीन की समस्या हो रही है. वेस्ट टू एनर्जी के लिए सिंदरी में जमीन देने का करार हुआ.
छह माह बीत गये, लेकिन रैमकी को भी जमीन नहीं मिली. एफसीआइ द्वारा जमीन स्थानांतरण के एवज में मांगी गयी 301 करोड़ की राशि से मामला लटक गया प्रतीत होता है. हालांकि निगम का तर्क है कि सर्किल रेट पर भी जमीन की कीमत 12 से 13 करोड़ ही होती है.
वेस्ट टू एनर्जी के लिए सिंदरी में जमीन प्रस्तावित है. पिछले दिनों उर्वरक मंत्री से मिलकर जमीन मांगी गयी है. जानकारी मिली है कि एफसीआइ प्रबंधन द्वारा जमीन स्थानांतरण के एवज में 301 करोड़ रुपया मांगा गया है. कानून में सर्किल रेट पर जमीन लेने का प्रावधान है. सिंदरी में जहां जमीन है, उसका सर्किल रेट काफी कम है. 90 एकड़ जमीन की कीमत लगभग 12 से 13 करोड़ रुपये आयेगा. इस बिंदु पर एफसीआइ प्रबंधन व नगर विकास सचिव से बातचीत की जायेगी.
चंद्रशेखर अग्रवाल, मेयर
एक दिन में शहर में उठ रहा 300 टन कचरा
शहर में एक दिन में 300 टन कचरा का उठाव हो रहा है. वेस्ट टू एनर्जी के लिए प्लांट नहीं रहने के कारण जहां-तहां कचरा डंप किया जा रहा है. फिलवक्त शहर का कचरा झरिया के बनियाहीर में गिराया जा रहा है. इधर, रैमकी की मानें तो डंपिंग यार्ड नहीं मिलने से आगे परेशानी होगी. नगर निगम को जल्द से जल्द जमीन की तलाश करनी चाहिए ताकि वेस्ट टू एनर्जी का प्लांट लगाया जा सके.
जमीन नहीं मिलने के कारण ए टू जेड ने 2013 में छोड़ दिया था काम
रैमकी कर रहा पिछले छह माह से काम, जमीन नहीं मिलने के कारण जहां-तहां डंप किया जा रहा कचरा
एफसीआइ ने जमीन के बदले मांगा 301 करोड़
नगर निगम ने सर्किल रेट के हिसाब से बताया 13 करोड़
रैमकी को प्रतिमाह 1.20 करोड़ का पेमेंट
रैमकी को प्रतिमाह 1.20 करोड़ पेमेंट किया जा रहा है. 2000 रुपये प्रति टन पर करार हुआ है. वेस्ट टू एनर्जी का काम शुरू नहीं होने से 1400 रुपये प्रति टन रैमकी को पेमेंट किया जा रहा है. धनबाद, झरिया, सिंदरी व छाताटांड़ में प्रतिदिन लगभग 300 टन कचरा का उठाव हो रहा है.
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