राजकिशोर महतो ने आजसू पार्टी छोड़ी, अब नहीं लड़ेंगे कोई चुनाव, जानें क्‍या है पूरा मामला

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धनबाद-बलियापुर : झारखंड आंदोलन के पुरोधा बिनोद बिहारी महतो के पुत्र सह पूर्व विधायक राजकिशोर महतो ने आजसू नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. साथ ही भविष्य में कोई भी चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है. सोमवार को प्रभात खबर से बातचीत में दो बार […]

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धनबाद-बलियापुर : झारखंड आंदोलन के पुरोधा बिनोद बिहारी महतो के पुत्र सह पूर्व विधायक राजकिशोर महतो ने आजसू नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. साथ ही भविष्य में कोई भी चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है.

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सोमवार को प्रभात खबर से बातचीत में दो बार विधायक एवं एक बार सांसद रह चुके श्री महतो ने कहा कि इस बार टुंडी से उन्हें हराने के लिए आजसू नेताओं ने ही पूरी ताकत लगायी. खुला भितरघात किया. सीटिंग विधायक होने के बावजूद उन्हें 10 दिनों तक टिकट के लिए इंतजार कराया गया.

आजसू के एक वरिष्ठ नेता ने उनके खिलाफ लॉबिंग करायी. उनका टिकट कटवाने के लिए रांची में प्रदर्शन कराया. चुनाव में भी आजसू के वरिष्ठ नेताओं ने उनके पक्ष में प्रचार नहीं किया. बल्कि उनके राजनीतिक विरोधियों की मदद की. ऐसे नेता गिरिडीह से एक दबंग जन प्रतिनिधि के रिश्तेदार को टिकट देना चाहते थे. इसके लिए ही यह सारा नाटक हुआ.

सिल्ली में भाजपा से क्यों लिया समर्थन

श्री महतो ने कहा कि झारखंड में आजसू का अकेले 53 सीटों पर प्रत्याशी देने का कोई औचित्य नहीं था. अगर भाजपा से लड़ना ही था तो जमशेदपुर पूर्वी, बाघमारा जैसे सीटों पर कोई प्रत्याशी क्यों नहीं दिया गया.

इसी तरह भाजपा ने सिल्ली में आजसू प्रमुख के खिलाफ प्रत्याशी क्यों नहीं दिया. इस तरह के कई सवाल हैं जिसका जवाब आजसू नेतृत्व को देना होगा. चुनाव प्रचार के दौरान एक बार भी भाजपा के खिलाफ आक्रामक बयान क्यों नहीं आया. कहा पार्टी नेतृत्व की नीयत साफ नहीं थी.

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