सीएमपीएफ : प्रचार-प्रसार के अभाव में पेंशन अदालत में पहुंचे केवल 36 मामले

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धनबाद :कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफ) मुख्यालय में शुक्रवार को पेंशन अदालत लगायी गयी. हालांकि विभाग की ओर से पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने से पेंशन अदालत में मात्र 36 मामले ही पहुंचे. इनमें 26 मामले डी-वन कार्यालय व 10 मामले डी-टू कार्यालय से जुड़े थे. हालांकि दोनों कार्यालयों के नौ मामलों का ऑन स्पॉट […]

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धनबाद :कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफ) मुख्यालय में शुक्रवार को पेंशन अदालत लगायी गयी. हालांकि विभाग की ओर से पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने से पेंशन अदालत में मात्र 36 मामले ही पहुंचे. इनमें 26 मामले डी-वन कार्यालय व 10 मामले डी-टू कार्यालय से जुड़े थे. हालांकि दोनों कार्यालयों के नौ मामलों का ऑन स्पॉट निष्पादन किया गया है. जल्द ही पेंशन सेटलमेंट कर उनकी पेंशन चालू कर दी जायेगी.

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ज्ञात हो कि कोयला मंत्रालय व डीओपीटी ने पेंशन अदालत लगाकर रिटायर्ड कर्मियों के जो भी ग्रिवांस हैं उनका निष्पादन का निर्देश दिया था, लेकिन पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने से रिटायर्ड कर्मियों को अदालत लगने की सूचना नहीं मिल सकी. हालांकि विभाग प्रचार-प्रसार करने का दावा कर रहा है. पेंशन अदालत में सीएमपीएफ के क्षेत्रीय आयुक्त (डी-वन) ज्योति कृष्ण, क्षेत्रीय आयुक्त (डी-टू) डीके चौधरी, बीसीसीएल के बस्ताकोला एपीएम तेजवेंद्र सिंह, पीबी एरिया के बी खलको, कोयला भवन से अभिषेक राय के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.

एक दिन पहले व्हाट्सएप पर दी सूचना : सीएमपीएफ प्रबंधन ने पेंशन अदालत लगाने से एक दिन पूर्व, यानी 22 अगस्त को व्हाट्सएप के माध्यम से बीसीसीएल के एरिया व कोलियरी प्रबंधन को सूचना दी, जबकि इसकी जानकारी पहले देनी चाहिए थी. सूत्रों की माने तो पेंशन अदालत लगाने को लेकर सीएमपीएफ प्रबंधन ने एक माह पहले ही सभी क्षेत्रीय कार्यालय को निर्देश जारी किया था, लेकिन क्षेत्रीय कार्यालय प्रबंधन ने इसका पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया.

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