धनबाद : 285 करोड़ की 40 योजनाओं का काम, कई में पकड़ी गयी गड़बड़ी, जांच होती है, पर कार्रवाई नहीं होती

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धनबाद : ड्यूरेबिलिटी को ध्यान में रखकर इंटीग्रेटेड सड़क की परिकल्पना की गयी. आम सड़क से तीन गुणा अधिक राशि का प्राक्कलन तैयार किया गया. ताकि सड़क व नाली मजबूत बने और 15 से 20 साल तक टिकी रहे. काम की क्वालिटी की देखरेख के लिए अलग से मास एंड वाइड नामक कंपनी को हायर […]

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धनबाद : ड्यूरेबिलिटी को ध्यान में रखकर इंटीग्रेटेड सड़क की परिकल्पना की गयी. आम सड़क से तीन गुणा अधिक राशि का प्राक्कलन तैयार किया गया. ताकि सड़क व नाली मजबूत बने और 15 से 20 साल तक टिकी रहे. काम की क्वालिटी की देखरेख के लिए अलग से मास एंड वाइड नामक कंपनी को हायर किया गया, ताकि काम की गुणवत्ता ठीक रहे. इसके बावजूद योजनाओं में काम की गुणवत्ता ठीक नहीं मिल रही है.

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23 जनवरी को मेयर ने गुहीबांध से मोदीडीह में बन रही इंटीग्रेटेड सड़क में गड़बड़ी पकड़ी. 24 जनवरी को मुख्य अभियंता एसके सिन्हा व कार्यपालक अभियंता ने वार्ड नंबर 26 में बन रही इंटीग्रेटेड सड़क में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग होते हुए पकड़ा. नाली को तोड़कर पुन: बनाने का निर्देश दिया गया था.

जांच में लगातार मिल रही गड़बड़ी को देखते हुए पांचों अंचल में चल रही विकास योजनाओं की जांच करायी गयी. जांच अधिकारियों ने रिपोर्ट भी सौंप दी. लेकिन आज तक जांच रिपोर्ट का खुलासा नहीं हुआ. जांच रिपोर्ट पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं. कहा जा रहा है कि जांच के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है.

  • 20 जनवरी को पांचों अंचल में पांच टीम ने की थी योजनाओं की जांच
  • जांच में मिली थी अनियमितता, जांच रिपोर्ट पर कुछ भी बोलने से कतराते हैं अधिकारी
  • 23 को मेयर ने गुहीबांध व 24 को मुख्य अभियंता ने विनोद नगर में पकड़ी थी विकास कार्य में गड़बड़ी
  • नहीं हुई संवेदक व अभियंता पर कार्रवाई
नूतनडीह में घर के पास गड्डा खोद भूल गया निगम
14 वें वित्त आयोग के 285 करोड़ की लागत से 40 योजनाओं पर शहर में काम चल रहा है. कुछ वार्डों की स्थिति यह है कि गड्ढा खोद कर संवेदक भूल गया है. पिछले डेढ़ माह से लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है. नूतनडीह ओ-ऑपरेटिव कॉलोनी में डेढ़ माह पहले इंटीग्रेटेड सड़क के लिए गड्ढा खोदा गया. लेकिन आज तक यहां काम शुरू नहीं किया गया. यही हाल कुसुम विहार कॉलोनी, विनोद नगर आदि जगहों में चल रही योजनाओं का भी है.
40 योजनाओं में पांच श्मशान घाट का सौंदर्यीकरण, पांच कब्रिस्तान का सौंदर्यीकरण, 20 सामुदायिक विकास केंद्र, मल्टी परपस कल्चर कॉम्प्लेक्स, वेंडिंग जोन, मुख्य चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, वार्डों में इंटीग्रेटेड सड़क का निर्माण आदि शामिल है.
रविवार को फिर जांच के लिए उतरे अधिकारी
नगर निगम अंतर्गत चल रही योजनाओं की जांच करने रविवार को फिर अधिकारी सड़क पर उतरे. पांचों अंचल के लिए अलग-अलग टीम थी जिसने विकास योजनाओं की जांच की. जांच के दौरान कहीं काम बंद मिला तो कहीं आधा-अधूरा काम. अंचल स्तर पर चल रहे कांपेक्टर स्टेशन की वस्तुस्थिति की भी जांच की गयी.
धनसार स्थित कांपेक्टर स्टेशन के बंद रहने पर विद्युत संयोजन नहीं होना कारण बताया गया. इसके अलावा वार्ड स्तर पर चल रहे 44 विकास योजनाओं की जांच की गयी. यही नहीं अंचल स्तर पर अवस्थित 68 सामुदायिक शौचालय की भी जांच की गयी.
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