सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के पीछे धनबाद के आयुष प्रकाश
Updated at : 02 Oct 2018 7:30 AM (IST)
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धनबाद : सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए महत्वपूर्ण मामलों के सीधा प्रसारण की अनुमति दी है. इस फैसले का हर ओर स्वागत हो रहा है. इस फैसले को अपने भागीरथी प्रयास से धरातल पर उतारने के लिए डी-नोबिली स्कूल सीएमआरआइ के पूर्व छात्र आयुष प्रकाश ने अहम भूमिका निभायी. आयुष वर्ष 2014 में […]
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धनबाद : सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए महत्वपूर्ण मामलों के सीधा प्रसारण की अनुमति दी है. इस फैसले का हर ओर स्वागत हो रहा है. इस फैसले को अपने भागीरथी प्रयास से धरातल पर उतारने के लिए डी-नोबिली स्कूल सीएमआरआइ के पूर्व छात्र आयुष प्रकाश ने अहम भूमिका निभायी. आयुष वर्ष 2014 में डी-नोबिली से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद लॉयड लॉ कॉलेज ग्रेटर नोएडा से बीएएलएलबी कर रहे हैं. वह धनबाद में बेकारबांध स्थित गुप्तेश्वर टावर के निवासी हैं. उनके पिता ओम प्रकाश शर्मा शिक्षक हैं.
दिसंबर 2017 में दाखिल की थी याचिका
आयुष बताते हैं कि उन्होंने अपने साथियों अमन शेखर, बॉयरोन स्किवेरा और एेश्वर्या अग्रवाल के साथ दिसंबर 2017 में सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई के सीधा प्रसारण के लिए याचिका दायर की थी. इसके लिए उन लोगों ने खुद पूर्व चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की कोर्ट में अटॉर्नी जनरल के सहयोग से जिरह की थी.
ऐसे आया विचार
आयुष बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में सोमवार और शुक्रवार को इंटर्न के प्रवेश पर रोक थी. ऐसे में उनलोगों ने व्यक्तिगत तौर पर चीफ जस्टिस से इस रोक को हटाने की मांग की थी. इस पर उन्होंने अलग कमरे से इसका सीधा प्रसारण करने की अनुमति दे दी थी. जहां से इंटर्न और पत्रकार सीधा प्रसारण देख सकते थे. इस पर उन लोगों को लगा कि जब एक कमरे में सीधा प्रसारण किया जा सकता है तो देश भर में सीधा प्रसारण क्यों नहीं किया सकता है.
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