हॉस्टल, रिमांड होम, शेल्टर होम, अनाथालय की होगी जांच

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धनबाद : मिशनरी ऑफ चैरिटी की घटना की पुनरावृत्ति रोकने व मुजफ्फरपुर जैसी घटना झारखंड में नहीं हो, इसके लिए राज्य सरकार के निर्देश पर बाल अधिकार व संरक्षण आयोग को हर उस हॉस्टल, रिमांड होम, शेल्टर होम, अनाथालय की जांच का आदेश दिया है, जहां 18 साल से कम उम्र के किशोर व किशोरी […]

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धनबाद : मिशनरी ऑफ चैरिटी की घटना की पुनरावृत्ति रोकने व मुजफ्फरपुर जैसी घटना झारखंड में नहीं हो, इसके लिए राज्य सरकार के निर्देश पर बाल अधिकार व संरक्षण आयोग को हर उस हॉस्टल, रिमांड होम, शेल्टर होम, अनाथालय की जांच का आदेश दिया है, जहां 18 साल से कम उम्र के किशोर व किशोरी रह रहे हैं.
यह जानकारी बुधवार को धनबाद परिसदन में प्रेस वार्ता के दौरान बाल अधिकार व संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर ने दी. उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा इस तरह की जांच सूबे के हर जिले में की जा रही है. इसकी रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री को सौंपी जायेगी. बुधवार को जांच की शुरुआत भूदा स्थित बाल सुधार गृह से की गयी. जांच के दौरान वहां काफी गड़बड़ी मिली है.
आरती कुजूर ने बताया कि धनबाद का बाल सुधार गृह की सबसे बड़ी समस्या स्टाफ की कमी है. यहां का बाल सुधार गृह केवल एक प्रभारी केयर टेकर, तीन कूक और सात होम गार्ड के भरोसे चल रहा है. जबकि यहां अधीक्षक, काउंसलर सहित 12 सृजित पद हैं. स्टॉफ की कमी की वजह से यहां रहे 38 विचाराधीन व 19 सजायाफ्ता बाल कैदियों की ठीक से देखभाल नहीं हो रही है.
आगंतुकों से होती है वसूली : जांच के दौरान आयोग की अध्यक्ष से बाल सुधार गृह के आगंतुकों ने वसूली की शिकायत की. उनलोगों ने बताया कि वहां तैनात जवान उनसे पैसे लेने के बाद ही सुधार गृह में रह रहे बाल कैदियों से मिलने देते हैं. उन्होंने मामले की जांच का आदेश डीएसडब्ल्यू सह सुधार गृह की प्रभारी अधीक्षक हेमा प्रसाद को दिया. जांच में मामला सही पाया गया.
एक मामले में धनबाद रोल मॉडल : आरती कुजूर ने बताया कि धनबाद बाल सुधार एक मामले में राज्य के सभी बाल सुधार गृह के लिए रोल मॉडल है. उन्होंने बताया कि सुधार गृह के अंदर बन रहे नये भवन को सफेद व पीले रंगों से रंगा गया है. यह रंग सुधार गृह में रह रहे बच्चों को जेल की फिलिंग नहीं कराता है. वहीं आम तौर पर सुधार गृह को लाल रंगों से रंगा जाता है.
ऐसे रंग से सुधार गृह जेल अधिक लगता है. उन्होंने बताया कि जल्द ही इस पहल को राज्य भर में लागू किया जायेगा. आयोग के सदस्य गुरुवार को बिरसा मुंडा पार्क के समीप मिशनरी ऑफ चैरिटी का निरीक्षण कर सकती है. प्रेस वार्ता के दौरान डीएसडब्ल्यू हेमा प्रसाद, सीडब्ल्यूसी सदस्य पूनम सिंह, डीसीपीओ साधना कुमारी आदि लोग मौजूद थे.
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