सावन के समापन से एक दिन पहले पुजारी विनोद झा ने षोडशोपचार विधि से की बाबा बैद्यनाथ की पूजा

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देवघर (दिनकर ज्योति) : पवित्र सावन महीना सोमवार (3 अगस्त, 2020) को संपन्न हो जायेगा. पूर्णिमा से ठीक एक दिन पहले श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को बाबा वैद्यनाथ की षोडशोपचार विधि से पूजा की गयी. इस अवसर पर रविवार की सुबह लगभग 4:30 बजे बाबा मंदिर का पट खुला. पुजारी विनोद झा और मंदिर कर्मी दिनेश मिश्र ने बाबा मंदिर के गर्भ गृह में सरकारी पूजा के लिए प्रवेश किया.

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देवघर (दिनकर ज्योति) : पवित्र सावन महीना सोमवार (3 अगस्त, 2020) को संपन्न हो जायेगा. पूर्णिमा से ठीक एक दिन पहले श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को बाबा वैद्यनाथ की षोडशोपचार विधि से पूजा की गयी. इस अवसर पर रविवार की सुबह लगभग 4:30 बजे बाबा मंदिर का पट खुला. पुजारी विनोद झा और मंदिर कर्मी दिनेश मिश्र ने बाबा मंदिर के गर्भ गृह में सरकारी पूजा के लिए प्रवेश किया.

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सबसे पहले शनिवार शाम के बाबा के शृंगार की पूजा सामग्रियों को हटाकर द्वादश ज्योतिर्लिंग को मखमल से साफ किया. इसके बाद पुजारी विनोद झा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा पर काचा जल चढ़ाया. इसके बाद सभी तीर्थ पुरोहितों ने बाबा पर काचा जल चढ़ाया. लॉकडाउन की वजह से इस वर्ष बाबा मंदिर में सार्वजनिक पूजा की अनुमति नहीं दी गयी. श्रावणी मेला भी इस साल स्थगित रहा.

फलस्वरूप इस वर्ष गेरुआ वस्त्र धारी शिवभक्त कांवरियों की घुंघरू की आवाज सुनने के लिए सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक के लोग तरस गये. बाहर से आये बाबा के किसी भक्त को बैद्यनाथ मंदिर में दर्शन की अनुमति नहीं दी गयी. सभी राहगीरों पर पुलिस की नजर है. शहर में प्रवेश करने के लिए गाड़ियों को रोकने के लिए परमिट मांगी जा रही है. इसके बाद ही जाने की अनुमति मिल रही है.

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रविवार को पुजारी विनोद झा ने बाबा बैद्यनाथ की सरकारी पूजा षोडशोपचार विधि से की. मंत्रोच्चार के बीच बाबा बैद्यनाथ पर फूल, बिल्व पत्र, इत्र, चंदन, मधु, घी, दूध, शक्कर, धोती, साड़ी, जनेऊ आदि अर्पित की. फिर बाबा मंदिर का पट खोल दिया गया. सीमित संख्या में तीर्थ पुरोहितों ने बाबा की पूजा की.

इस बीच, महिला तीर्थ पुरोहित गुड़री देवी ने बाबा मंदिर परिसर स्थित देवी शक्ति के मंदिरों में माता पार्वती, माता बगला, माता काली, माता संध्या देवी आदि को महा स्नान कराकर सिंदूर पहनायी. सुबह लगभग 6:30 बजे जब सभी भक्त मंदिर से निकल गये, तो पुलिस वालों ने मुख्य द्वार को बंद कर दिया.

मंदिर के बाहर पुलिस बल तैनात हैं. इससे मंदिर परिसर का क्षेत्र सावन भर खाली रहा. गत वर्ष श्रावणी मेला में बाबा नगरी में भक्तों की लंबी कतार लगी थी. शिवगंगा से लेकर मंदिर परिसर तक पहुंचने में कई घंटे लग जाते थे. बोल बम के नारा से पूरा शहर गूंज रहा था. पवित्र शिवगंगा में सर्वाधिक भक्तों की भीड़ थी. उन्हें स्नान करने के लिए घंटों रुकना पड़ रहा था.

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झारखंड, बिहार, बंगाल, असम, मणिपुर, ओड़िशा, त्रिपुरा, मिजोरम, दिल्ली, यूपी, एमपी, हरियाणा, पंजाब व अन्य राज्यों के भक्तों से बाबा नगरी पटी हुई थी. कांवर रखने की जगह नहीं मिल रही थी. विलियम्स टाउन बीएड कॉलेज परिसर में कंट्रोल रूम बनाया गया था. यहां से भक्तों को नियंत्रित किया जा रहा था. भक्तों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम व भजन का आयोजन किया गया था.

Posted By : Mithilesh Jha

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