हादसा-दर-हादसा, ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर सो गया प्रशासन
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Jan 2018 4:39 AM
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एसपी ने दी रिपोर्ट : दुमका के सभी ब्लैक स्पॉट रेक्टिफाइड दुर्घटनाओं पर अंकुश के लिए प्रशासन के पास नहीं है रोड मैप रफ्तार पर ब्रेक के लिए कारगर नहीं है ट्रैफिक पुलिस सिस्टम ब्लैक स्पॉट की सूची फाइलों में बंद देवघर : जरमुंडी के जरदाहा की सड़क दुर्घटना पहली घटना नहीं है. इस इलाके […]
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एसपी ने दी रिपोर्ट : दुमका के सभी ब्लैक स्पॉट रेक्टिफाइड
दुर्घटनाओं पर अंकुश के लिए प्रशासन के पास नहीं है रोड मैप
रफ्तार पर ब्रेक के लिए कारगर नहीं है ट्रैफिक पुलिस सिस्टम
ब्लैक स्पॉट की सूची फाइलों में बंद
देवघर : जरमुंडी के जरदाहा की सड़क दुर्घटना पहली घटना नहीं है. इस इलाके में कई घटनाएं हो चुकी है. इन हादसों में कईयों की जानें भी जा चुकी है. इसका कारण है कि अच्छी सड़क पर रफ्तार पर लगाम नहीं है. पुलिस प्रशासन ने दुमका जिले में जनवरी 2016 से जनवरी 2017 तक पांच वैसे जगहों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया था. जहां लगातार हादसे हो रहे थे. इन स्थानों पर बड़ी दुर्घटनाएं हुई थी. जिसमें पिछले साल दो दर्जन से अधिक मौतें हुई थी. इन ब्लैक स्पॉट में दुमका का डीसी चौक, दुधानी टॉवर चौक, महारो मोड़, असनथर व सहारा शामिल था. लेकिन दुमका एसपी ने अगस्त-2017 में पुलिस मुख्यालय को जो रिपोर्ट भेजी थी,
उसके मुताबिक सभी ब्लैक स्पॉट को रेक्टिफाइड कर दिया गया था. इस तरह ये सभी खतरनाक ब्लैक स्पॉट पुलिस फाइल में ही रेक्टिफाइड हो गया. यदि यह सही मायने में रेक्टिफाइड हो गया होता तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता.
पिछली दुर्घटनाओं पर नहीं चेता प्रशासन
पिछले साल चिह्नित किये गये ब्लैक स्पॉट में से दुमका के डीसी चौक में दो, दुधानी टॉवर में तीन, महारो में तीन, असनथर में तीन तथा सहारा में एक हादसा हुआ था. जरदाहा का यह इलाका जहां हादसा हुआ है. वह ब्लैक स्पॉट चिह्नित हुआ था कि नहीं इस संबंध में सड़क सुरक्षा कोषांग को भी जानकारी नहीं है. प्रशासन ने दुमका जिले में कई ब्लैक स्पॉट चिह्नित तो किया है लेकिन उस ब्लैक स्पॉट पर कैसे दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा, इस दिशा में अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. शायद प्रशासन किसी बड़ी घटना का ही इंतजार कर रहा था. तभी तो जैसे ही जरदाहा की घटना में सात युवक व एक महिला की जान जाने के बाद डीसी ने कहा कि 26 के बाद इस तरह की दुर्घटनाओं पर कैसे अंकुश लगे, इसके लिए रोड मैप तैयार किया जायेगा.
जरदाहा-काजूपहाड़ के पास हुई दुर्घटनाएं
2015 फरवरी : मिनी बस पलटने से तीन श्रद्धालुओं की मौत, 2016 दिसंबर व अक्तूबर : ट्रकों की टक्कर में चार चालकों व दो खलासी की मौत, 2016 श्रावणाी मेले के दौरान : वाहनों की चपेट में आने से नेपाल के दो कांवरिये की मौत, 2017 में अब तक : सात दुर्घटना में एक दर्जन लोगों की मौत.
दुमका में ब्लैक स्पॉट नहीं
पुलिस ने तो अपनी रिपोर्ट में ब्लैक स्पॉट रेक्टिफाइड कर लेने का दावा किया. इसी रिपोर्ट के आधार पर सड़क सुरक्षा कोषांग के पास दुमका जिला ब्लैक स्पॉट फ्री जिला है. सुड़क सुरक्षा कोषांग के आइटी मैनेजर कुमार क्रांति किशोर के मुताबिक, दुमका में अभी वर्तमान में ऐसे ब्लैक स्पॉट चिह्नित नहीं है. यदि आइटी मैनेजर सड़क सुरक्षा कोषांग की बात सही है तो आज के डेट में दुमका जिले में ब्लैक स्पॉट है ही नहीं है.
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