शिक्षक नियुक्ति फर्जीवाड़ा में अबतक 64 शिक्षक बर्खास्त

Updated:
विज्ञापन

4 मई,2016 को दर्ज किया गया था फर्जीवाड़ा का एफआइआर देवघर : देवघर के सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में वर्ष 15-16 में 599 शिक्षकों का चयन किया गया था. नियुक्ति में अनियमितता व फर्जीवाड़ा का मामला सामने आने के बाद अबतक जांच में कुल 64 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है. वर्ष 2017 में […]

विज्ञापन

4 मई,2016 को दर्ज किया गया था फर्जीवाड़ा का एफआइआर

देवघर : देवघर के सरकारी प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में वर्ष 15-16 में 599 शिक्षकों का चयन किया गया था. नियुक्ति में अनियमितता व फर्जीवाड़ा का मामला सामने आने के बाद अबतक जांच में कुल 64 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है. वर्ष 2017 में झारखंड हाइकोर्ट के आदेश पर फर्जीवाड़ा मामले की जांच की गयी. जांच के आधार पर पिछले जिला शिक्षा स्थापना समिति की बैठक में लिये गये निर्णय के आलोक में सात शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है. इससे पहले फर्जीवाड़ा का मामला सामने आने के बाद 04.05.2016 को तत्कालीन डीइओ उदय नारायण शर्मा ने टाउन थाना देवघर में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
बर्खास्त किये गये सात शिक्षकों में से दो शिक्षकों पर दो वर्ष से कम समय में डीपीइ का सर्टिफिकेट हासिल करने, एक शिक्षक पर पारा शिक्षक बनने के पहले ही डीपीइ की डिग्री हासिल कर लेने, स्पोर्ट्स में स्नातक किये बगैर स्पोर्ट्स कोटा में एक अभ्यर्थी का चयन होने, एक शिक्षक द्वारा बीटी की ट्रेनिंग के पहले ही टेट पास का प्रमाण पत्र लेने व दो शिक्षकों का प्रमाण पत्र संदेहास्पद पाये जाने का मामला आया हैं. विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो विज्ञापन के आधार पर शिक्षक नियुक्ति में 599 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था. इसमें कक्षा एक से पांचवीं तक में 461 शिक्षक एवं कक्षा छह से आठवीं तक 138 शिक्षकों का चयन किया गया था.
दो वर्ष से कम समय में ले लिया डीपीइ का सर्टिफिकेट
उत्क्रमित मध्य विद्यालय डंगालपाड़ा मधुपुर में कार्यरत स्वप्न कुमार स्वर्णकार एवं प्राथमिक विद्यालय सरैया मोहनपुर में कार्यरत इम्तियाज आलम ने डीपीइ (डिप्लोमा इन प्राइमरी एजुकेशन) का डिग्री लिया है. लेकिन, शिक्षक द्वय पर यह डिग्री दो वर्ष से कम समय में ही हासिल करने का आरोप है.
पारा शिक्षक बनने के पहले ही ले लिया डीपीइ की डिग्री
मध्य विद्यालय लीलावरण मोहनपुर में कार्यरत शैलेश कुमार पाठक ने पारा शिक्षक बनने के पूर्व ही डीपीइ (डिप्लोमा इन प्राइमरी एजुकेशन) कोर्स का डिग्री हासिल कर लिया था.
स्पोर्ट्स में स्नातक नहीं फिर भी कोटा में चयन
प्राथमिक विद्यालय नवाडीह सारठ में कार्यरत वीरेंद्र प्रसाद का स्पोर्ट्स में स्नातक नहीं है. बावजूद इनका चयन स्पोर्ट्स कोटा में कर लिया गया था.
बीटी के ट्रेनिंग के पहले ही कर लिया था टेट पास
उत्क्रमित मध्य विद्यालय उर्दू खलासी मुहल्ला मधुपुर में कार्यरत रानी पद्मावती ने बीटी की ट्रेनिंग से पहले ही टेट पास कर ली थी. इसका खुलासा जांच में हुआ.
दो शिक्षकों का प्रमाण पत्र संदेहास्पद मिला
मध्य विद्यालय चांदडीह देवघर में कार्यरत दिलीप कुमार एवं मध्य विद्यालय सिरसा में कार्यरत सिकंदर मंडल का शैक्षणिक प्रमाण पत्र जांच में संदेहास्पद पाया गया.
वर्ष 2017 तक 57 नवनियुक्त शिक्षक किये गये थे बर्खास्त
देवघर में फर्जीवाड़ा मामले में वर्ष 2017 तक कुल 57 नवनियुक्त शिक्षक बर्खास्त किये गये थे. इसमें टेट प्रमाण पत्र फर्जीवाड़ा मामले में 18 शिक्षक, अर्हता पूरी नहीं करने के मामले में एक शिक्षक, गैर मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान से प्रमाण पत्र लेने के मामले में चार शिक्षक, पारा से गैर पारा कोटि में चयनित किये गये 23 शिक्षक, वाणिज्य स्नातक नवनियुक्त छह शिक्षक, गणित व विज्ञान से टेट पास मामले में दो शिक्षक, उर्दू टेट से भाषा में चयन मामले में दो शिक्षक एवं डीपीइ डिग्री लेने के पहले टेट परीक्षा उत्तीर्ण मामले में एक शिक्षक को बर्खास्त किया गया था.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola