चतरा : नदियों का अस्तित्व खतरे में, NGT के रोक के बाद भी मुख्य सड़कों से बेखौफ बालू ढो रहे ट्रैक्टर
ट्रैक्टर से बालू ले जाते हुए | Prabhat Khabar Network
गिद्धौर की नदियों से अवैध बालू का उठाव जारी है। एनजीटी के आदेशों की अनदेखी कर माफिया नदियों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रशासन से कार्रवाई की मांग।
घनश्याम कुमार की रिपोर्ट
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गिद्धौर (चतरा). गिद्धौर प्रखंड की विभिन्न नदियों से अवैध बालू का उठाव लगातार जारी है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों की खुलेआम अनदेखी किये जाने का आरोप है. अवैध बालू उठाव से जहां सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं नदियों का प्राकृतिक स्वरूप भी प्रभावित हो रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण बालू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं. मुख्य सड़कों से होकर ट्रैक्टरों के जरिये खुलेआम बालू की ढुलाई की जा रही है.
झारखंड के कई इलाकों में पहुंच रहा बालू
जानकारी के अनुसार, गिद्धौर के बलबल स्थित मुहाने समेत अन्य नदियों से अवैध तरीके से बालू उठाकर हजारीबाग जिले में बेचा जा रहा है. वहीं सिंदुआरी और तरीघटेरी नदियों से ब्रह्मपुर और बेलगाछ के रास्ते चतरा तक बालू की आपूर्ति किये जाने की बात सामने आ रही है. गांगपुर, पेक्सा, खलारी और मारंगी समेत कई नदियों से प्रतिदिन ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू की ढुलाई हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बालू माफिया बिना किसी डर के मुख्य सड़कों से बालू ले जा रहे हैं.
माफिया कर रहे मोटी कमाई
स्थानीय लोगों के अनुसार, अवैध तरीके से उठाये गये बालू को ऊंचे दामों पर बेचकर माफिया मोटी कमाई कर रहे हैं. बलबल क्षेत्र के कुछ स्थानीय सूत्रों ने प्रशासन की कथित मिलीभगत से अवैध बालू उठाव होने का आरोप लगाया है. हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. वहीं, खलारी क्षेत्र के आसपास की नदियों से बालू निकालकर ट्रैक्टर वन विभाग के वनरोपण क्षेत्र से होकर गुजर रहे हैं. इससे जंगल की पगडंडियां क्षतिग्रस्त होने के साथ वन क्षेत्र पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है.
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अवैध खनन से पर्यावरण को नुकसान
लगातार हो रहे अवैध बालू उठाव से नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है. इससे नदी के किनारे का पर्यावरण प्रभावित होने के साथ आसपास के इलाकों पर भी इसका असर पड़ सकता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध बालू उठाव पर रोक नहीं लगायी गयी, तो आने वाले समय में नदियों के अस्तित्व और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है.
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कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से अवैध बालू उठाव पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. साथ ही अवैध तरीके से बालू उठाने और उसकी ढुलाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है. लोगों का कहना है कि नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के बिना नदियों से हो रहे अवैध खनन पर रोक लगाना मुश्किल होगा.
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