रोज 200 मरीज, डॉक्टर सिर्फ 4, चक्रधरपुर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था का ये है हाल
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जेजे मुंडू
चक्रधरपुर अनुमंडल में 5.5 लाख से अधिक आबादी वाले क्षेत्र के मरीज चार चिकित्सकों के भरोसे
चक्रधरपुर: चक्रधरपुर अनुमंडल क्षेत्र की करीब 5.5 लाख से अधिक आबादी की स्वास्थ्य व्यवस्था फिलहाल महज चार चिकित्सकों के भरोसे चल रही है. चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल लंबे समय से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है. दूसरी ओर, अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 175 से 200 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. सर्दी-खांसी, बुखार, डायरिया, मलेरिया समेत विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या के बीच डॉक्टरों की कमी से अस्पताल पर लगातार दबाव बढ़ रहा है.
वर्तमान में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जेजे मुंडू, डॉ नंदू होनहागा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ तुबा अमरीन और डॉ प्राणीता बांका मरीजों का इलाज कर रहे हैं. वहीं, डॉ धनु माझी को तांतनगर सीएचसी और डॉ श्रीओसी मजूमदार को सदर अस्पताल चाईबासा में प्रतिनियुक्त किया गया है.
ओपीडी के साथ प्रशासनिक काम भी संभाल रहे डॉक्टर

चिकित्सकों की कमी का असर सिर्फ ओपीडी पर ही नहीं, बल्कि अस्पताल के प्रशासनिक कामकाज पर भी पड़ रहा है. डॉक्टरों को मरीजों के इलाज के साथ अन्य चिकित्सा और प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ रही हैं. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को कार्यालय संबंधी कार्यों के अलावा मरीजों की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ती है. ऐसे में सीमित चिकित्सकों के बीच काम का संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है.
स्वीकृत पांच पदों में तीन खाली, विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी कमी

अस्पताल में चिकित्सा पदाधिकारी के पांच पद स्वीकृत हैं, जिनमें तीन पद रिक्त हैं. विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद भी खाली हैं. फिजिशियन, सर्जन, एनेस्थीसिया, नेत्र रोग, शिशु रोग, हड्डी रोग और रेडियोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञों की जरूरत है. विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में गंभीर और विशेष उपचार की जरूरत वाले मरीजों को चाईबासा या बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है. दंत चिकित्सक के रूप में डॉ पूजा बंछौर भी सेवाएं दे रही हैं.
सिविल सर्जन को पत्र भेजकर मांगे अतिरिक्त डॉक्टर
अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जेजे मुंडू ने बताया कि फिलहाल चार चिकित्सकों के भरोसे अस्पताल संचालित हो रहा है. दो डॉक्टरों की अन्य स्थानों पर प्रतिनियुक्ति होने से परेशानी बढ़ी है. उन्होंने कहा कि यदि प्रतिनियुक्त दोनों चिकित्सक कम से कम एक-एक दिन अनुमंडल अस्पताल में ड्यूटी दें, तो समस्या कुछ कम हो सकती है. अतिरिक्त चिकित्सकों की व्यवस्था के लिए सिविल सर्जन को पत्र भेजा गया है. उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या को देखते हुए चिकित्सकों की संख्या बढ़ाना जरूरी है, ताकि लोगों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके.
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