JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के X हैंडल पर केस दर्ज, रांची पुलिस ने मांगी यूजर की जानकारी

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रिफॉर्म मंच के एक्स हैंडल के खिलाफ रांची पुलिस की जांच तेज

रांची पुलिस ने JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के X हैंडल की जांच शुरू की है. भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट के आरोप में केस दर्ज कर एक्स कॉर्प से यूजर की पहचान और अकाउंट से जुड़ी जानकारी मांगी गई है.

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रांचीः जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के एक्स हैंडल की रांची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. साइबर थाना ने एक्स कॉर्प के लीगल सेल को नोटिस भेजकर हैंडल संचालित करने वाले यूजर की पहचान और अकाउंट से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है. आरोप है कि मंच के एक्स हैंडल से राज्य सरकार के खिलाफ कथित तौर पर झूठी, भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित किए जा रहे हैं.

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पुलिस के अनुसार, उक्त हैंडल से लगातार ऐसे पोस्ट किए गए जिनसे सरकार की छवि धूमिल करने और सार्वजनिक शांति प्रभावित करने का प्रयास हुआ. इस संबंध में कोतवाली थाना में कांड संख्या 183/2026 दर्ज किया गया है. साइबर थाना की ओर से भेजे गए नोटिस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 94 और आईटी एक्ट की धारा 69 का हवाला दिया गया है. प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 353, 196 और 356 समेत आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत आरोप लगाए गए हैं.

अकाउंट संचालक पर होगी कार्रवाई, एक्स कॉर्प को नोटिस

पुलिस ने एक्स कॉर्प से यूजर का नाम, पता, मोबाइल नंबर, वैकल्पिक ईमेल आईडी, आईपी एड्रेस और आईएमईआई नंबर समेत अन्य जानकारी मांगी है. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जा रही है. एक्स कॉर्प से जानकारी मिलने के बाद अकाउंट संचालक की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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भ्रामक सूचनाओं को वायरल न करें, शांति सद्भाव बनाये रखें- पुलिस

पुलिस ने आम लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी खबर, वीडियो, संदेश या सूचना पर बिना सत्यापन के विश्वास नहीं करने की अपील की है. साथ ही उसे आगे भी साझा नहीं करने का अनुरोध किया है. पुलिस के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व जानबूझ कर झूठी और भ्रामक सूचनाएं प्रसारित कर लोगों को उकसाने का प्रयास कर रहे हैं. इसका उद्देश्य समाज में अशांति, तनाव और वैमनस्य पैदा करना है. ऐसी सूचनाओं के बहकावे में आकर कानून हाथ में लेना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है. पुलिस ने अपील की है कि संदिग्ध या भड़काऊ सामग्री मिलने पर उसे वायरल करने की बजाय पुलिस या प्रशासन को सूचना दें. अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सत्यापित जानकारी पर भरोसा करें.


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