47 साल पुरानी परंपरा का दिखेगा रंग, झोपड़ी कॉलोनी में विश्वकर्मा पूजा के साथ सजेगा मेला
विश्वकर्मा मैदान में बन रहा आकर्षक पूजा पंडाल
बोकारो की झोपड़ी कॉलोनी में 47 वर्षों से चली आ रही विश्वकर्मा पूजा की परंपरा.17 सितंबर से सात दिनों तक चलेगा भव्य मेला, जानें क्या होंगे मुख्य आकर्षण.
बोकारो में विश्वकर्मा पूजा की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं. माराफारी थाना क्षेत्र की बीएसएल झोपड़ी कॉलोनी में करीब 47 वर्षों से चली आ रही विश्वकर्मा पूजा की परंपरा इस बार भी भव्य रूप लेगी. 17 सितंबर से सात दिवसीय पूजा समारोह और मेले का आयोजन होगा. इसे लेकर पूजा समिति और स्थानीय लोग तैयारियों में जुटे हैं. यह आयोजन अब झोपड़ी कॉलोनी की पहचान बन चुका है.
विश्वकर्मा मैदान में सज रहा आकर्षक पंडाल
विश्वकर्मा मैदान में आकर्षक पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है. पूरे परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और सजावट से सजाया जायेगा. यहां भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना होगी.

सात दिनों तक चलने वाले आयोजन में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के मनोरंजन की व्यवस्था रहेगी. विभिन्न प्रकार के झूले, चरखा, मीना बाजार और खान-पान की दुकानें मेले के प्रमुख आकर्षण होंगे.
पीढ़ियों को जोड़ रही 47 साल पुरानी परंपरा
झोपड़ी कॉलोनी में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन करीब 47 वर्षों से लगातार हो रहा है. स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, वर्षों पहले शुरू हुई यह परंपरा समय के साथ विस्तार लेती गयी. अब पूजा के साथ लगने वाला मेला आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी आकर्षित करता है.
बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार के साथ पूजा मैदान पहुंचते हैं. बुजुर्गों के लिए यह आयोजन पुरानी यादों और आस्था से जुड़ा है, जबकि नयी पीढ़ी इसे उत्सव और मेले के रूप में देखती है. आयोजन का स्वरूप बदला है, लेकिन लोगों की आस्था और उत्साह आज भी बरकरार है.
सुरक्षा और सुविधा पर रहेगा जोर
पूजा समिति श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर भी तैयारी कर रही है. भीड़ नियंत्रण, पार्किंग, बिजली, साफ-सफाई और अग्निशमन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. मेले के दौरान समिति के स्वयंसेवक लोगों की सहायता करेंगे. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन से भी सहयोग की अपेक्षा की गयी है.
पूजा सामाजिक एकजुटता का प्रतीक : अमर भारती
पूजा समिति के अध्यक्ष अमर किशोर भारती ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि 47 वर्षों से चली आ रही परंपरा और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है. समिति का प्रयास है कि इस वर्ष भी पूजा और मेले का आयोजन भव्य और व्यवस्थित तरीके से हो. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्राथमिकता होगी.
महिलाओं और बच्चों में उत्साह
पूजा को लेकर स्थानीय महिलाओं और बच्चों में विशेष उत्साह है. महिलाएं तैयारियों में सहयोग कर रही हैं, जबकि बच्चे मेले में लगने वाले झूलों और मनोरंजन के अन्य साधनों का इंतजार कर रहे हैं. परिवार के साथ लोग पूजा-अर्चना के बाद मेले का आनंद लेते हैं.
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बोकारो में विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व
औद्योगिक शहर बोकारो में भगवान विश्वकर्मा की पूजा का विशेष महत्व है. कारखानों, वर्कशॉप, दुकानों और तकनीकी कार्यों से जुड़े लोग औजारों, मशीनों और कार्यस्थलों की पूजा करते हैं. ऐसे में झोपड़ी कॉलोनी का यह आयोजन आस्था के साथ श्रम, हुनर और कारीगरी के सम्मान का संदेश भी देता है.
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