बोकारो स्टील प्लांट के ट्रांसफॉर्मर ऑयल का भिलाई में होगा डिस्पोजल, इंसान व फसलों के लिए है काफी खतरनाक
Jharkhand News: सेल की इकाइयों सहित देशभर के कारखानों, पॉवर ग्रिड आदि के ट्रांसफॉर्मरों का ऑयल जहरीला होता है. यह खेतों की फसलों को बर्बाद व शरीर को कैंसर की चपेट में लेता है. इस ऑयल से दुनिया भी परेशान है.
Jharkhand News: बोकारो स्टील प्लांट के ट्रांसफॉर्मर ऑयल का भिलाई स्टील प्लांट में डिस्पोजल होगा. ट्रांसफार्मर में प्रयुक्त होने वाले विषैला रसायन पॉली-क्लोराइनेटेड बाइफिनाइल (पीसीबी) के प्रबंधन व निपटान परियोजना पर भिलाई में कार्य शुरू हो गया है. बड़ा प्लांट लगाया जा रहा है, जहां ऑयल को डिस्पोज किया जायेगा. प्लांट का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है. यहां सेल की सभी इकाइयों के ट्रांसफॉर्मर ऑयल का डिस्पोजल होगा.
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बोकारो स्टील प्लांट के ट्रांसफॉर्मर ऑयल का भिलाई स्टील प्लांट में डिस्पोजल किया जायेगा. सेल की इकाइयों सहित देशभर के कारखानों, पॉवर ग्रिड आदि के ट्रांसफॉर्मरों का ऑयल काफी जहरीला होता है. यह खेतों की फसलों को बर्बाद कर देता है, वहीं शरीर को कैंसर की चपेट में ले लेता है. यह फसलों व इंसानों के लिए काफी खतरनाक है. इस ऑयल से दुनिया भी परेशान है. भारत में इसका निस्तारण भिलाई में 2023 से होगा. यूनाइटेड नेशन की मदद से भिलाई स्टील प्लांट ने इसका बीड़ा उठाया है. इस समस्या से विश्व समुदाय त्रस्त है.
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अब आयल वाले ट्रांसफॉर्मर के बजाय ड्राई ट्रांसफॉर्मर लगाये जा रहे हैं. खास बात यह है कि सेल इकाइयों सहित देश के कारखानों के ट्रांसफॉर्मर का ऑयल भिलाई अपनी निगरानी में डिस्पोज करायेगी. पर्यावरण और वन मंत्रालय (एमओईएफ)-भारत सरकार, सेल और संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) ने सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र में एक पीसीबी प्रबंधन और निपटान परियोजना शुरू करने के लिए हाथ मिलाया है.
रिपोर्ट: सुनील तिवारी
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