मजदूर पिता की बेटी के दिल में था छेद, बोकारो प्रशासन ने कोच्चि में कराया सफल ऑपरेशन

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जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 15 वर्षीय खुशी कुमारी के लिए बोकारो प्रशासन की त्वरित कार्रवाई जीवनदायिनी साबित हुई. उसके मजदूर पिता महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थे. प्रशासन के हस्तक्षेप से केरल के कोच्चि में उसका सफल ऑपरेशन हुआ.

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आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की 15 वर्षीय खुशी कुमारी के लिए समय पर मिली प्रशासनिक मदद जिंदगी की नई उम्मीद बन गयी. जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित खुशी के दिल में छेद था. उसके मजदूर पिता अनिल कुमार महंगे इलाज का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं थे. ऐसे में जब बीमारी की जानकारी बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा को मिली, तो उन्होंने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया. इसके बाद खुशी का इलाज केरल के कोच्चि स्थित अमृता हॉस्पिटल में कराया गया, जहां 21 अगस्त को उसका सफल ऑपरेशन हुआ.

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डीसी के निर्देश पर शुरू हुई इलाज की प्रक्रिया

फुसरो नगर पंचायत क्षेत्र की रहने वाली खुशी नौवीं कक्षा की छात्रा है. बीमारी की जानकारी मिलने के बाद उपायुक्त ने सिविल सर्जन और फुसरो नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल जांच, रिपोर्ट और इलाज से संबंधित जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करायीं.

डीइआइसी मैनेजर मो वसीम ने खुशी के परिवार के साथ लगातार समन्वय बनाते हुए चिकित्सीय दस्तावेज तैयार कराये. इसके बाद कोच्चि स्थित अमृता हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से संपर्क कर इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ायी गयी.

20 अगस्त को भर्ती, अगले दिन हुआ ऑपरेशन

चिकित्सकों की सलाह के बाद खुशी को 20 अगस्त को अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि में भर्ती कराया गया. 21 अगस्त को उसके जन्मजात हृदय रोग का सफल ऑपरेशन किया गया. ऑपरेशन के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति सामान्य बतायी. आवश्यक निगरानी के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी. अब खुशी अपने परिजनों के साथ सकुशल घर लौट चुकी है.

पिता बोले- प्रशासन की मदद वरदान से कम नहीं

खुशी के पिता अनिल कुमार ने झारखंड सरकार, बोकारो प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह बेटी का महंगा इलाज कराने में असमर्थ थे. ऐसे समय में प्रशासन ने जिस तत्परता से इलाज की व्यवस्था करायी, वह उनके परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

अब तक आठ बच्चों को मिला विशेषज्ञ इलाज

डीइआइसी मैनेजर मो वसीम के अनुसार, इसी पहल के तहत अब तक करीब आठ जरूरतमंद बच्चों को अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि भेजकर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा चुकी है. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से जरूरतमंद बच्चों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की यह पहल उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है.


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