उफ्फ! वह छपाक… आज भी सिहर उठती हैं सोनाली मुखर्जी

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कसमार : बोकारो के कसमार निवासी चर्चित तेजाब पीड़िता सोनाली मुखर्जी का मानना है कि ‘छपाक’ जैसी फिल्में बननी चाहिए. कहती हैं- इस तरह की घटना पूरे देश-समाज को कलंकित करती है. ‘छपाक’ की एक घटना पीड़िता की पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती हैं. नारकीय बना देती है. सोनाली आज भी उस दिन को याद […]

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कसमार : बोकारो के कसमार निवासी चर्चित तेजाब पीड़िता सोनाली मुखर्जी का मानना है कि ‘छपाक’ जैसी फिल्में बननी चाहिए. कहती हैं- इस तरह की घटना पूरे देश-समाज को कलंकित करती है. ‘छपाक’ की एक घटना पीड़िता की पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती हैं. नारकीय बना देती है. सोनाली आज भी उस दिन को याद कर सिहर उठती है.

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शुक्रवार को ‘प्रभात खबर’ से बातचीत के दौरान कहा : उफ्फ! 22 अप्रैल 2003 की उस ‘छपाक’ ने मेरी पूरी जिंदगी बदल दी. जीवन में अंधेरा छा गया. इस पीड़ा को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. सोनाली इस बात से दुखी हैं कि उनके आरोपी रिहा हो गये हैं.

कहती हैं- अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य ऐसी घटना कभी किसी के साथ न हो. लेकिन अफसोस कि बात है कि उनके आरोपी हाइ कोर्ट से जमानत पर रिहा हो गये. सोनाली का मानना है कि उन्हें न्याय नहीं मिला. इस तरह के संगीन अपराध के बाद भी दोषियों का आसानी से जमानत पर रिहा हो जाना और खुलेआम घूमना पीड़िता के चेहरे पर एक बार फिर एसिड अटैक होने जैसा है. कहा : न्याय के लिए अभी उनकी लड़ाई जारी रहेगी.

पीड़िता व आरोपी दोनों का होना चाहिए वास्तविक नाम : सोनाली मुखर्जी का मानना है कि ‘छपाक’ हो, चाहे इस तरह की अन्य फिल्में, आरोपी और पीड़िता दोनों का वास्तविक नाम होना चाहिए. बल्कि फिल्म के अंत में अपराधियों की वास्तविक तस्वीरें भी दिखायी जानी चाहिए, ताकि समाज वैसे दरिंदों को पहचान सके.

पूरी दुनिया के सामने ऐसे दरिंदों का चेहरा सामने आना चाहिए. कहा : मेघना गुलजार बधाई की पात्र हैं कि उन्होंने एक तेजाब पीड़िता के दर्द को समझते हुए इस तरह की फिल्म बनायी है. एसिड अटैक की घटना रोकने में इस तरह की फिल्म सहायक हो सकती है. लेकिन इसमें पीड़िता (लक्ष्मी अग्रवाल) व आरोपी (नदीम खान) का वास्तविक नाम होता तो और अच्छा लगता. उल्लेखनीय है कि मेघना गुलजार निर्देशित ‘छपाक’ फिल्म शुक्रवार को रिलीज हुई है. देशभर में इस फिल्म को लेकर चर्चा है.

दिल्ली में लक्ष्मी अग्रवाल नामक एक युवती पर 15 वर्ष की उम्र में नदीम खान नामक 34 वर्षीय युवक ने एसिड अटैक कर उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी थी. विवाह का प्रस्ताव ठुकराये जाने पर युवक ने दिल दहलाने वाली इस घटना को अंजाम दिया था. ‘छपाक’ इसी घटना पर आधारित फिल्म है. अभिनेत्री दीपिका पादुकोण पीड़िता (लक्ष्मी अग्रवाल) की किरदार में हैं. फिल्म में पीड़िता का नाम मालती है. वहीं, आरोपी का नाम भी बदल कर दिखाया गया है.

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