पटना बलास्‍ट: जांच में हुआ खुलासा हैदर ही है सलीम

By Prabhat Khabar Digital Desk
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* सलीम के नाम से बनवाया था फरजी वोटर आइडी

* इरम लॉज में मुजिबुल के साथ रहता था

रांची : हिंदपीढ़ी के इरम लॉज में मुजिबुल के साथ रहनेवाला दूसरा आतंकी सलीम नहीं, बल्कि इंडियन मुजाहिद्दीन (आइएम) के पांच लाख का इनामी आतंकी मो हैदर था. अधिकारियों ने आरंभिक जांच के बाद इसकी पुष्टि की है. जांच से जुड़े एक आइपीएस अधिकारी के अनुसार, इरम लॉज के कमरे से मुजिबुल अंसारी और सलीम अंसारी के वोटर कार्ड बरामद किये गये थे. जांच में सलीम अंसारी का वोटर कार्ड फरजी पाया गया.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हैदर ही पहचान छिपाने के लिए सलीम नाम से जाली वोटर कार्ड बनवा कर मुजिबुल के साथ रहता था. मामले की जांच से जुड़े अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि फरजी वोटर कार्ड कहां से बनवाया गया था. जब्त वोटर आइडी में सलीम के घर का पता इरबा और पिता का नाम कलीम अंसारी लिखा गया था.

जांच अधिकारियों ने इरबा में जाकर जांच की, पर वहां कोई सलीम और कलीम अंसारी नहीं मिला. पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंडियन मुजाहिद्दीन का आतंकी मोनू भी हिंदपीढ़ी इलाके में रहता था. सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जानकारी जुटा रही हैं कि वह हिंदपीढ़ी में कहां रहता था. इस बात का पता लगाया जा रहा है कि कहीं मोनू भी नाम बदल कर तो नहीं रहता था.

* शमशेर से फिर पूछताछ

पटना ब्लास्ट को लेकर आइबी के निर्देश पर पुलिस ने शनिवार को भदानीनगर ओपी क्षेत्र के महुआ टोला निवासी शमशेर अंसारी से फिर पूछताछ की. पुलिस ने उसे करीब दो घंटे तक हिरासत में रखा. इससे पहले शमशेर को बुधवार को आइबी व पुलिस की टीम ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. पूछताछ के बाद गुरुवार को उसे छोड़ दिया गया था. बताया जाता है कि शमशेर को सुबह-शाम थाने में हाजिरी लगाने को कहा गया है.

*पुलिसिया छानबीन में आया नौशाद अहमद का नाम

आतंकियों की डायरी की चल रही छानबीन के दौरान एक नया नाम सामने आया है. यह नाम है नौशाद अहमद, जो हिंदपीढ़ी के इरम लॉज से बरामद विस्फोटक की जांच से जुड़े अधिकारियों को मिला है. जांच एजेंसी ने यह डायरी छापेमारी के बाद इरम लॉज के कमरे से जब्त की थी. नौशाद अहमद कौन है, इसकी जानकारी एकत्र की जा रही है. हालांकि, नौशाद अहमद के इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े होने की आशंका जतायी जा रही है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंडियन मुजाहिदीन का एक आतंकी नाम बदल कर हिंदपीढ़ी इलाके में रहता था, लेकिन पटना में हुए सीरियल ब्लास्ट से पूर्व ही हिंदपीढ़ी छोड़ कर चला गया था. नौशाद अहमद कहीं वही आतंकी तो नहीं, इसकी गहराई से जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मुजिबुल और हैदर की गिरफ्तारी के बाद पूरा मामला स्पष्ट होगा.

इरम लॉज से क्या मिले
लोटस कंपनी का टाइमर
25 पीस जिलेटिन
14 पीस डेटोनेटर
चार पीस टाईमर घड़ी
आठ पीस बिजली का तार
मुंह ढंकने का मास्क
भारत का नक्शा जिसके पीछे पेंसिल से गांधी मैदान का स्केच बना है वाराणसी का गाइड, जिसके अंदर वाराणसी का नक्श बना है.
उत्तर प्रदेश टूरिस्ट रोड एटलस और विभिन्न राज्यों की दूरी
इंडिया का एटलस, जिसमें विभिन्न धार्मिक स्थल चिन्हित हैं
एक डायरी में जिसमें हिंदी और उर्दू में कई बातें लिखी है
एक स्टूडेंट इसलामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया का पॉलिसी प्रोग्राम
मुजिबुल अंसारी और सलीम अंसारी का वोटर आइडी

पांच परिवार आइएम के मददगार
पुलिस अधिकारियों के साथ नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) के अधिकारियों की बैठक हुई. इसमें पटना सीरियल ब्लास्ट के बाद अब तक हुई जांच से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गयी. जांच एजेंसियों ने अब तक पांच ऐसे परिवारों को चिह्न्ति किया है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों को मदद पहुंचाते हैं. इन परिवारों में कुछ रांची के, जबकि कुछ रांची से बाहर के हैं. इनकी गतिविधियों पर नजर रखने के विभिन्न विभाग के अधिकारियों की सात अलग-अलग टीमें बनायी गयी हैं.

आतंकवाद विरोधी सप्ताह कल से
झारखंड तंजीम की ओर से मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती के अवसर पर 11 से 17 नवंबर तक आतंकवाद विरोधी सप्ताह मनाया जायेगा. इस दौरान लोगों को आतंकी गतिविधियों के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जायेगा. साथ ही किसी तरह का शक होने पर सूचना देने की अपील की जायेगी. 11 नवंबर को पीपी कंपाउंड, हिंदपीढ़ी में आतंकवाद विरोधी सम्मेलन किया जायेगा, जिसमें बुद्धजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, उलेमा व तंजीम के केंद्रीय नेता हिस्सा लेंगे. यह जानकारी सज्जाद इदरीसी ने दी है.

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