दुष्कर्म के मामले में दोषी को दस वर्ष की सजा

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पांच हजार रुपये का जुर्माना 2017 में 14 वर्षीय पीड़िता के आवेदन पर मुफस्सिल थाना में दर्ज हुआ था मामला गिरिडीह : विशेष न्यायाधीश सह प्रथम जिला जज रामबाबू गुप्ता की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में भोला तांती उर्फ पप्पू मरिक को धारा 376 भादवि में दस वर्ष की सजा सुनायी है. पांच […]

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पांच हजार रुपये का जुर्माना

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2017 में 14 वर्षीय पीड़िता के आवेदन पर मुफस्सिल थाना में दर्ज हुआ था मामला
गिरिडीह : विशेष न्यायाधीश सह प्रथम जिला जज रामबाबू गुप्ता की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में भोला तांती उर्फ पप्पू मरिक को धारा 376 भादवि में दस वर्ष की सजा सुनायी है. पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया है, जबकि पोक्सो एक्ट 4 में अदालत ने दस वर्ष की सजा व पांच हजार का जुर्माना किया. अदालत ने कहा कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी. वर्ष 2017 में 14 वर्षीय पीड़िता के आवेदन पर मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज किया गया था.
इसमें 35 वर्षीय भोला तांती उर्फ पप्पू मरिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी में कहा था कि स्कूल से घर लौटते समय भोला तांती उसे बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले गया और भय दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद वह लगातार उसका यौन शोषण करने लगा. जब वह गर्भवती हुई तब भोला तांती ने जबरन उसका गर्भपात करा दिया. लाज व डर के कारण घटना की सूचना उसने बाद में अपने घर वालों को दी.
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अजय कुमार साह व अधिवक्ता अजय कुमार सिन्हा मंटू ने अदालत में गवाहों के बयान का परीक्षण कराया, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विशाल आनंद ने बहस की. दोनों पक्ष की द��ील सुनने के बाद अदालत ने भोला तांती व उर्फ पप्पू मरिक को धारा 376 भादवि व पोक्सो एक्ट चार में दोषी पाते हुए यह सजा सुनायी है.
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