बेल नहीं लेंगे, सरकार बिना शर्त रिहा करे

Updated at : 06 Jun 2014 5:51 AM (IST)
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बेल नहीं लेंगे, सरकार बिना शर्त रिहा करे

राजनाथ सिंह ने बेल लेने का मशविरा दिया, यशवंत सिन्हा ने कहा हजारीबाग : पूर्व सांसद यशवंत सिन्हा ने कहा कि वह बेल के लिए आवेदन नहीं करेंगे. सरकार बिना शर्त रिहा करे. जेल से उसी दिन बाहर निकलेंगे जब हमें बिना शर्त छोड़ा जायेगा. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बेल लेने का मशविरा दिया […]

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राजनाथ सिंह ने बेल लेने का मशविरा दिया, यशवंत सिन्हा ने कहा

हजारीबाग : पूर्व सांसद यशवंत सिन्हा ने कहा कि वह बेल के लिए आवेदन नहीं करेंगे. सरकार बिना शर्त रिहा करे. जेल से उसी दिन बाहर निकलेंगे जब हमें बिना शर्त छोड़ा जायेगा. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बेल लेने का मशविरा दिया है. यह बात श्री सिन्हा ने गुरुवार को जेल में मुलाकातियों से कही. उन्होंने कहा कि जो नियम व कानून जेल के हैं मैं और मेरे कार्यकर्ता उसका पालन कर रहे हैं.

तीन जून को मुङो विद्युत को लेकर किये जा रहे आंदोलन के आरोप में जेल में बंद किया गया है. जेल में गरमी में रात काट रही है. उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दलों के लोग इस आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.

यशवंत सिन्हा की गिरफ्तारी की निंदा

हजारीबाग. अखिल भारतीय संत समिति ने यशवंत सिन्हा की गिरफ्तारी की निंदा की है. समिति की बैठक गुरुवार को बड़ा अखाड़ा में हुई. अध्यक्षता महंत विजयानंद दास ने की. महंत ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले को जेल भेज दिया गया है. बिजली विभाग के पदाधिकारी बिजली के नाम पर भ्रष्टाचार व मनमानी कर रहे हैं. झारखंड से भ्रष्टाचार मिटाने में संत समिति सहयोग करेगी.

स्वेच्छा से आंदोलन में शामिल हुए बेस गांव के लोग : हमारे साथ जेल में बंद सभी कार्यकर्ता स्वेच्छा से आंदोलन में शामिल हुए हैं. उन्हें किसी प्रकार का कोई प्रलोभन नहीं दिया गया है. मैं पिछले कई वर्षो से बेस गांव में बिजली पहुंचाने के लिए प्रयास करता रहा हूं. इस आंदोलन में बेस गांव के लोगों का पूरा समर्थन प्राप्त है.हमारे साथ जेल में लगभग 29 कार्यकर्ता बेस गांव के हैं.

कार्यकर्ता बेल ले सकते हैं : यशवंत सिन्हा ने कहा कि जेल जाने से पहले कार्यकर्ताओं से कहा कि जो जेल जाना नहीं चाहते हैं,वे अपने घर जा सकते हैं. जेल में बंद कार्यकर्ताओं व महिलाओं से कहा कि यदि उन्हें दिक्कत हो रही है तो वे बेल लेकर रिहा हो सकते हैं. हमारा आंदोलन आगे भी चलता रहेगा. धरना-प्रदर्शन व सड़क जाम का सिलसिला जारी है.

दूसरी पार्टियां भी करेंगी आंदोलन : श्री सिन्हा ने कहा कि बिजली का आंदोलन गंभीर मुद्दा है. लेकिन कुछ लोग इसे नौटंकी बता रहे हैं.जबकि राजनीतिक दलों में बिजली खास मुद्दा है. कई पार्टियों ने इस आंदोलन से प्रेरित होकर आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है.

हमारा आंदोलन स्थानीय समस्या का समाधान करना है : पूर्व सांसद ने कहा कि झारखंड को प्रतिदिन 4500 मेगावाट बिजली की जरूरत है. जबकि 300 मेगावाट बिजली प्रतिदिन मिल रही है. हमारा आंदोलन स्थानीय स्तर पर बिजली की समस्या का समाधान करना है. इनमें ट्रांसफारमर लगाना, तार खींचना,पोल लगाना, जजर्र तार को बदलना आदि काम जीएम का है. हम लोगों ने इन समस्याओं का समाधान कराने के लिए आंदोलन छेड़ा है.

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