Human Trafficking News : झारखंड में नहीं थम रही मानव तस्करी, खूंटी की नाबालिग आदिवासी बिटिया का जीजा ने किया सौदा, आपबीती सुन छलक पड़ेंगे आंसू
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 05 Mar 2021 2:12 PM
Human Trafficking News, Jharkhand News, खूंटी न्यूज (चंदन कुमार) : झारखंड के खूंटी जिले की 14 वर्षीया आदिवासी बिटिया ने मानव तस्करी की दर्दनाक आपबीती सुनायी है. उसने बताया कि कैसे नौकरी का झांसा देकर जीजा ने उसे दिल्ली में बेच दिया और किन हालत में वह वापस गांव लौट सकी है. खूंटी बाल कल्याण समिति के समक्ष बुधवार को उसे प्रस्तुत किया गया. जिसमें उसकी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने और पुनर्वास करने का निर्णय लिया गया. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अल्ताफ खान ने बताया कि पीड़िता का बयान लेकर समिति के आदेश पर उसे उसकी मां के पास भेज दिया गया है.
Human Trafficking News, Jharkhand News, खूंटी न्यूज (चंदन कुमार) : झारखंड के खूंटी जिले की 14 वर्षीया आदिवासी बिटिया ने मानव तस्करी की दर्दनाक आपबीती सुनायी है. उसने बताया कि कैसे नौकरी का झांसा देकर जीजा ने उसे दिल्ली में बेच दिया और किन हालत में वह वापस गांव लौट सकी है. खूंटी बाल कल्याण समिति के समक्ष बुधवार को उसे प्रस्तुत किया गया. जिसमें उसकी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने और पुनर्वास करने का निर्णय लिया गया. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अल्ताफ खान ने बताया कि पीड़िता का बयान लेकर समिति के आदेश पर उसे उसकी मां के पास भेज दिया गया है.
पीड़िता ने बताया कि दो साल पूर्व जब वह चौथी कक्षा में पढ़ रही थी, तब उसके पिता की आकस्मिक मृत्यु हो गयी थी. जिसके बाद उसकी मां पर तीन भाई-बहनों को पालने का बोझ आ गया था. इसलिए मां ने उसे गांव के ही एक परिवार में घरेलू काम पर लगा दिया. इस कारण सभी भाई-बहन की पढ़ाई भी छूट गयी. दो महीने बाद गांव का ही एक जीजा उसे और दो और लड़कियों को बहला-फुसला कर दिल्ली ले गया. जहां प्लेसमेंट चलाने वाली महिला हीरामणि के पास उसे छोड़ दिया.
वहां से शिवा नामक व्यक्ति ने उसे रजौली गार्डेन में एक घर में नौकरानी के काम पर लगा दिया. जिस घर में वह काम कर रही थी, वहां से पैसे नहीं मिलते थे. आदिवासी लड़की है ज्यादा खाना खाने से आलसी हो जायेगी. यह कहकर उसे भरपेट खाना भी नहीं दिया जाता था. उसे ठीक से आराम करने भी नहीं दिया जाता था. कई बार भागने की कोशिश की, लेकिन हर बार पकड़ी जाती थी.
एक दिन मौका देखकर वह भाग निकली. इस दौरान एक पुलिस वाले ने उसे पकड़ लिया और कोर्ट में प्रस्तुत किया. जहां से वह बालिका गृह भेज दी गयी. इसके बाद राज्य संसाधन केंद्र की टीम द्वारा उसे वापस लाया गया. अब वह कभी भी दिल्ली नहीं जाना चाहती है. अब पढ़ना चाहती है.
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खूंटी बाल कल्याण समिति के समक्ष बुधवार को उसे प्रस्तुत किया गया. जिसमें उसकी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने और पुनर्वास करने का निर्णय लिया गया. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अल्ताफ खान ने बताया कि पीड़िता का बयान लेकर समिति के आदेश पर उसे उसकी मां के पास भेज दिया गया है. उसका कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नामांकन कराया जायेगा और स्पॉन्सरशिप योजना के तहत लाभ दिया जायेगा. मौके पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष बिरेश्वर बिंदिया, सदस्य लीना केरकेट्टा, संरक्षण पदाधिकारी शमिमुद्दीन अंसारी, चाइल्ड लाइन सदस्य बसंती मुंडा, महिला आरक्षी एस लकड़ा समेत अन्य उपस्थित थे.
Posted By : Guru Swarup Mishra
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