सुपौल में 1 अक्टूबर से खाद की ऑनलाइन बुकिंग, Farmer ID से मिलेगा उर्वरक
किसानों को खाद लेने से पहले करनी होगी ऑनलाइन बुकिंग
सुपौल जिले में 1 अक्टूबर से खेती के लिए खाद की खरीददारी का तरीका बदलने वाला है. किसानों को अब खाद लेने से पहले ऑनलाइन पोर्टल पर बुकिंग करनी होगी. Farmer ID बनवाने की प्रक्रिया पर भी जोर दिया जा रहा है.
Fertilizer Online Booking Supaul: छातापुर (सुपौल) में गैस सिलेंडर खत्म होने से पहले जैसे मोबाइल से उसकी बुकिंग करनी पड़ती है, अब खेती के लिए खाद लेने में भी किसानों को कुछ ऐसा ही करना होगा. सुपौल जिले में उर्वरक वितरण की व्यवस्था बदलने जा रही है. अब किसानों को खाद लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पहले बुकिंग करनी होगी. बिना ऑनलाइन बुकिंग के किसानों को उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया जायेगा.
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इस नयी व्यवस्था को लेकर सोमवार को छातापुर प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन के सभागार में बीएओ कुंदन कुमार ने प्रखंड क्षेत्र के सभी खाद विक्रेताओं के साथ बैठक की. बैठक में विक्रेताओं को नयी व्यवस्था की पूरी जानकारी दी गयी. कृषि विभाग के मंत्री द्वारा संबंधित ऐप की लॉन्चिंग और इस व्यवस्था को लेकर दिये गये संबोधन का लाइव टेलीकास्ट भी दिखाया गया.
1 अक्टूबर से सुपौल में शुरू होगी नयी व्यवस्था
बीएओ कुंदन कुमार ने बताया कि सुपौल जिले में यह व्यवस्था 1 अक्टूबर से शुरू कर दी जायेगी. हालांकि इसे पूरी तरह लागू करने से पहले सभी किसानों की Farmer ID तैयार की जा रही है. सभी किसानों का Farmer ID बन जाने के बाद व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जायेगी.
कृषि विभाग की इस पहल का उद्देश्य उर्वरक वितरण को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है. इससे यह पता चल सकेगा कि किस किसान ने कितनी खाद की बुकिंग की है और उसके पास कितना कृषि रकबा है.
यानी आने वाले समय में किसान सीधे खाद विक्रेता के पास पहुंचकर खाद लेने के बजाय पहले ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करेंगे. इसके बाद विक्रेता बुकिंग की जांच करेंगे और फिर उर्वरक उपलब्ध करायेंगे.
Farmer ID नहीं बनी है तो भी फिलहाल रास्ता खुला
नयी व्यवस्था को लेकर किसानों के मन में सबसे बड़ा सवाल Farmer ID को लेकर है. जिन किसानों की Farmer ID अभी नहीं बनी है, उनके लिए फिलहाल आधार कार्ड के माध्यम से सत्यापन की व्यवस्था रखी गयी है.
ऐसे किसानों को पहले आधार कार्ड से अपना सत्यापन कराना होगा. इसके बाद खुद के नाम या पूर्वजों के नाम से कट रही लगान रसीद के आधार पर उर्वरक की बुकिंग की जा सकेगी.
हालांकि कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द अपनी Farmer ID बनवा लें. आने वाले दिनों में केवल Farmer ID के आधार पर ही खाद की ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जायेगी.
कितना रकबा, उतनी ही खाद मिलने की होगी जांच
नयी व्यवस्था में सिर्फ ऑनलाइन बुकिंग करना ही पर्याप्त नहीं होगा. खाद विक्रेता किसानों की बुकिंग की क्रॉस चेकिंग करेंगे. इसके बाद ही उन्हें उर्वरक उपलब्ध कराया जायेगा.
इसका एक बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान के वास्तविक कृषि रकबे से अधिक मात्रा में खाद की उपलब्धता न हो. कृषि विभाग के अनुसार स्थानीय खाद विक्रेता अपने क्षेत्र के किसानों से परिचित होते हैं और उन्हें किसानों के रकबे की भी जानकारी रहती है. इसी आधार पर बुकिंग की जांच की जायेगी.
इस व्यवस्था से खाद की मांग और उपलब्धता के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश भी की जा रही है. किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने और अनियमितता पर नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी भी विक्रेताओं पर होगी.
किसानों के लिए अभी से जरूरी है Farmer ID बनवाना
खाद की जरूरत खेती के हर सीजन में किसानों के सामने सबसे अहम सवालों में से एक रहती है. ऐसे में ऑनलाइन बुकिंग की नयी व्यवस्था लागू होने से किसानों को अपनी प्रक्रिया पहले से पूरी करनी होगी.
जिन किसानों ने अब तक Farmer ID नहीं बनवायी है, उनके लिए कृषि विभाग ने जल्द से जल्द इसे बनवाने की सलाह दी है. क्योंकि आगे चलकर आधार और लगान रसीद के आधार पर मिलने वाली वैकल्पिक सुविधा भी सीमित हो सकती है और केवल Farmer ID से बुकिंग की व्यवस्था लागू हो सकती है.
इसलिए किसानों के लिए अभी से अपनी Farmer ID से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
खाद विक्रेताओं को भी निभानी होगी बड़ी जिम्मेदारी
बैठक में प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश उर्वरक विक्रेता मौजूद रहे. नयी व्यवस्था में खाद विक्रेताओं की भूमिका पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हो जायेगी.
ऑनलाइन बुकिंग करने वाले किसान जब खाद लेने पहुंचेंगे, तो विक्रेता को उनकी बुकिंग का क्रॉस चेक करना होगा. बुकिंग और किसान के रकबे की स्थिति की जांच के बाद ही खाद उपलब्ध करायी जायेगी.
कृषि विभाग की कोशिश है कि खाद की उपलब्धता का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचे और किसी किसान को उसके रकबे से अधिक उर्वरक न मिले. हालांकि नयी व्यवस्था के बाद किसानों के लिए ऑनलाइन बुकिंग और सत्यापन की प्रक्रिया कितनी आसान रहती है, यह इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा.
Fertilizer Online Booking Supaul: बैठक में कृषि विभाग ने समझायी पूरी प्रक्रिया
ई-किसान भवन में हुई बैठक में बीएओ कुंदन कुमार ने खाद विक्रेताओं को नयी व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अब उर्वरक प्राप्त करने के लिए किसानों को ऑनलाइन पोर्टल पर बुकिंग करनी होगी.
बैठक के दौरान कृषि विभाग के मंत्री द्वारा संबंधित ऐप की लॉन्चिंग और उनके संबोधन का लाइव टेलीकास्ट भी दिखाया गया. इस दौरान विक्रेताओं को नयी व्यवस्था के तहत बुकिंग और उर्वरक वितरण की प्रक्रिया समझायी गयी.
मौके पर पंकज कुमार भगत, रमेश पोद्दार, अनिल राउत, मो. शमशेर, शुभंकर सिंह, संतोष साह, शंभू भगत, रामकुमार मेहता सहित अन्य लोग मौजूद थे.
अब किसानों की नजर 1 अक्टूबर पर है. इसी तारीख से सुपौल जिले में उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग वाली व्यवस्था शुरू होगी. इसके बाद खाद लेने की पुरानी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. कृषि विभाग का जोर है कि Farmer ID आधारित व्यवस्था के जरिये उर्वरक वितरण को अधिक व्यवस्थित बनाया जाये और खाद की उपलब्धता में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाये.
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