जब धरती पर बढ़ता है अत्याचार, तब भगवान मानव शरीर धारण कर होते हैं अवतरित : आचार्य

गज ग्राह का प्रसंग सुनाते हुए ग्राह में गजेंद्र की मुक्ति नाम पुकारने से हुई.
सुपौल सदर प्रखंड के हरदी पश्चिम स्थित विशनपुर गांव के विशनपुरनाथ महादेवधाम परिसर में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार को कथा व्यास आचार्य वत्सश्री महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में नवजात श्रीकृष्ण को दर्शकों के बीच उपस्थित कर मक्खन, सोंठ लड्डू आदि का भोग लगवा कर श्रद्धालुओं के उत्साह को दो गुना कर दिया. श्रीकृष्ण के लीलाओं का वर्णन सुन कर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर खुशी से नाचने लगे. वहीं श्रद्धालु फूलों की बारिश करते हुए नृत्य करने लगे. महाराज जी ने कहा कि जब धरती पर अत्याचार बढ़ जाता है, तब भगवान मानव शरीर धारण कर धरा पर अवतरित होते हैं. वह अत्याचारों का अंत करते हैं. नाम जाप की महिमा बताते हुए महाराज जी ने आजाविर जैसे महापापी के उद्धार का वृतांत सुनाया. कहा कि प्रह्लाद राक्षस कुल में भी जन्म लेकर जब भगवान पर अटल विश्वास किया, तो खंभे से भगवान प्रकट होकर अत्याचारी का नाश किया. गज ग्राह का प्रसंग सुनाते हुए ग्राह में गजेंद्र की मुक्ति नाम पुकारने से हुई. महाराज जी ने अनेकों प्रसंग सुना कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया. इस मौके पर न्यास समिति अध्यक्ष श्रीनिवास सिंह, अशोक सिंह, कुशेश्वर रजक, युवाराम मंडल, सियाराम मंडल, जगदीश चौधरी, इंद्रानंद पाठक, लड्डू झा, मणिकांत मिश्र, अवध मंडल, विष्णुदेव मंडल, भूषण सिंह, राणा प्रताप सिंह, बब्बन सिंह, बैद्यनाथ सिंह, शिवेंद्र सिंह, शिवनंदन मुखिया आदि उपस्थित थे.
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By Prabhat Khabar News Desk
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