समाज के पतन का मुख्य कारण है नशा : महाश्रमण जी महाराज

Updated:
विज्ञापन

समाज के पतन का मुख्य कारण है नशा : महाश्रमण जी महाराज फोटो – 9, 10 व 11कैप्सन- प्रवचन देते आचार्य, उपस्थित अनुयायी व यात्रा में शामिल धवल सेना प्रतिनिधि, किसनपुर जब-जब मानवता ह्रास की ओर बढ़ा है. नैतिक मूल्य अपनी पहचान खोता गया. समाज में पारस्परिक संघर्ष की स्थितियां उत्पन्न हुई हैं, किसी महापुरुष […]

विज्ञापन

समाज के पतन का मुख्य कारण है नशा : महाश्रमण जी महाराज फोटो – 9, 10 व 11कैप्सन- प्रवचन देते आचार्य, उपस्थित अनुयायी व यात्रा में शामिल धवल सेना प्रतिनिधि, किसनपुर जब-जब मानवता ह्रास की ओर बढ़ा है. नैतिक मूल्य अपनी पहचान खोता गया. समाज में पारस्परिक संघर्ष की स्थितियां उत्पन्न हुई हैं, किसी महापुरुष ने अपने दिव्य कृतित्व, चिन्मयी पुरुषार्थ व तेजोमय शौर्य से मानव – मानव की चेतना को झंकृत कर जन जागरण किया है. यह बातें तेरा पंथ धर्म संघ के 11 वें आचार्य महाश्रमण जी महाराज ने अहिंसा यात्रा के बीच एक दिवसीय प्रवास के दौरान प्रखंड मुख्यालय स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित प्रवचन सभा में कही. आचार्य जी ने बताया कि इस अहिंसा यात्रा के तहत लाखों लोगों का उन्होंने हृदय परिवर्तन कर नशा मुक्ति का अभियान को निरंतर गतिमान रखा है. उन्होंने नशा को समाज के पतन का मुख्य कारण माना है. बताया कि नशा से प्राणियों को शारीरिक, मानसिक, व्यावसायिक, पारिवारिक, सामाजिक, चैतसिक सहित कई प्रकार के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.नैतिकता है यात्रा का दूसरा उद्देश्य आचार्य जी ने अपने इस यात्रा का दूसरा उद्देश्य नैतिकता को बताया. कहा कि बेईमानी सामाजिक स्वस्थता का सबसे बड़ा बाधक तत्व है. उन्होंने बताया कि जब तक परस्पर धोखाधड़ी का क्रम जारी रहेगा. प्राणी सुख व शांति का श्वास नहीं ले सकता. बताया कि वर्तमान दौर में धरती पर अनैतिकता का स्वरूप एक प्रमुख समस्या के रूप में उभर रही है. आचार्य ने बताया कि चोरी ना करना, बेमेल मिलावट ना करना, अपने लाभ के लिए दूसरों को हानि ना पहुंचाना, रिश्वत ना लेना, चुनाव ओर परीक्षा के संदर्भ में अवैध उपायों का सहारा ना लेना सहित अन्य ऐसे संकल्प हो सकते हैं जिसका पालन आसान ही नहीं, तनाव मुक्त शांतिपूर्ण समाज के लिए अनिवार्य भी है. आचार्य महा श्रवण जी ने जन मानसों से आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों या कार्य क्षेत्र में अन्य देवी देवताओं के चित्र हों अथवा नहीं. लेकिन ईमानदारी की देवी आवश्यक रूप से प्रतिष्ठित होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अहिंसा यात्रा में किसी भी जाति, वर्ग व संप्रदाय के लोग शामिल हो सकते हैं. लेकिन यात्रा में सहभागी बनने के लिए दो रूपों पर ध्यान केंद्रित करना होगा. बताया कि प्राणी स्वयं अहिंसा यात्रा का संकल्प स्वीकार करें तथा दूसरों को अहिंसा यात्रा के संकल्प को स्वीकार करने हेतु प्रेरित करें. यात्रा में कई संस्था के लोग हुए शामिलमहाश्रमण जी महाराज द्वारा निकाली गयी अहिंसा यात्रा में देश के विभिन्न राज्यों के लोग शामिल हैं. वहीं विनोद कुमार, विक्रम कुमार, कमलेश कुमार, कुणाल कुमार, पिंकी कुमारी, संगीता कुमारी सहित अन्य ने बताया कि वे सभी बंगलौर स्थित संचालित ज्ञान शाला संस्था के सदस्य हैं. आचार्य के दर्शन के साथ उनके द्वारा निकाली गयी यात्रा को सफल का संकल्प लिया है. साथ ही आयोजित सभा में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आये अनुयायी सहित अन्य जिले व कई राज्यों के लोग शामिल हुए. इस मौके पर तेरापंथी सभा केजिलाध्यक्ष अरविंद सिंधी, पूर्व अध्यक्ष अनिल जैन, पवन जैन, सुमन जैन सहित अन्य उपस्थित थे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन