सीवान: प्रसव के बाद पांच हजार रुपये मांगने का आरोप, ऑडियो वायरल होने पर जिला स्तरीय टीम ने की जांच

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जांच टीम पहुंची दरौंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र | Prabhat Khabar Network

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स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद परिजनों से पांच हजार रुपये मांगने का आरोप लगा है. रुपए के लेनदेन का ऑडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

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सीवान. स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद मरीज के परिजनों से कथित रूप से रुपये मांगने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. लेनदेन से संबंधित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. बुधवार को जिला से पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीएचसी में पीड़ित परिजनों और संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से पूछताछ कर पूरे मामले की जानकारी ली.

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प्रसव के बाद पांच हजार रुपये मांगने का आरोप

बताया जाता है कि 21 अगस्त को जलालपुर वार्ड संख्या-9 निवासी ज्योति कुमारी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव हुआ था. परिजनों का आरोप है कि सामान्य प्रसव के बाद स्वास्थ्य विभाग के एएनएम/जीएनएम द्वारा पांच हजार रुपये की मांग की गयी. परिजनों के अनुसार, उन्होंने तत्काल 2500 रुपये कर्मियों को दे दिये.

इसी दौरान रुपये के लेनदेन से संबंधित कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. ऑडियो वायरल होने के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए चिकित्सा प्रभारी डॉ. विकास कुमार भारद्वाज ने अस्पताल के करीब आधा दर्जन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की थी. इसके बाद जिला स्तर से मामले की विस्तृत जांच के लिए टीम गठित कर सीएचसी भेजी गयी.

जांच टीम पहुंची दरौंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र  | Prabhat Khabar Network
जांच टीम पहुंची दरौंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

जांच टीम ने दोनों पक्षों से की पूछताछ

बुधवार को पहुंची जांच टीम ने पीड़ित परिजनों के साथ-साथ संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से भी पूछताछ की और उनका पक्ष दर्ज किया. जांच के दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. विकास कुमार भारद्वाज, स्वास्थ्य प्रबंधक जितेंद्र कुमार सिंह, बड़ा बाबू राम आशीष पटेल सहित अस्पताल के अन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे.

जांच टीम में छपरा सदर अस्पताल के उपाधीक्षक सह सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी शामिल थे. जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच अभी जारी है.

दोष सामने आने पर होगी कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि जांच में यदि किसी कर्मी की लापरवाही अथवा दोष सामने आता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. वहीं, स्वास्थ्य विभाग की एएनएम/जीएनएम ममता ने अपने ऊपर लगाये गये अवैध वसूली के आरोपों को निराधार बताया है. उन्होंने जांच अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए आरोपों के बचाव में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया है. अब जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

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