सीवान के स्कूल में शौचालय नहीं, छात्राओं को हो रही परेशानी; डीईओ से शिक्षिकाओं ने लगायी गुहार
राजकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय गोपालपुर
गोपालपुर उर्दू राजकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय में करोड़ों के इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद शौचालय की सुविधा नहीं है. छात्राओं और शिक्षिकाओं को हो रही गंभीर परेशानी के कारण डीईओ से तत्काल निर्माण की मांग की गई है.
School Toilet Issue: शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर करोड़ों रुपये खर्च किये जाने के बावजूद जिले के कई विद्यालयों में अब भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. हुसैनगंज प्रखंड क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक कन्या विद्यालय गोपालपुर उर्दू इसका उदाहरण है, जहां शौचालय की सुविधा नहीं होने से छात्राओं और शिक्षिकाओं को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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विद्यालय की शिक्षिकाओं ने इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर विद्यालय परिसर में अविलंब शौचालय निर्माण कराने की मांग की है. आवेदन में बताया गया है कि विद्यालय में शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं के लिए एक भी शौचालय उपलब्ध नहीं है.
शौचालय के अभाव में छात्राओं को हो रही परेशानी
शिक्षिकाओं के अनुसार, शौचालय नहीं होने के कारण छात्राओं को दैनिक जरूरतों के लिए आसपास के घरों या खुले खेत-खलिहानों का सहारा लेना पड़ता है. कई बार असुविधा के कारण छात्राएं विद्यालय से वापस घर चली जाती हैं.
शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा नहीं होने से छात्राओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है. शिक्षिकाओं का कहना है कि इसका असर विद्यालय में छात्राओं की उपस्थिति पर भी पड़ रहा है और कई छात्राएं परेशानी के कारण नियमित रूप से विद्यालय आने से कतराती हैं.
पहले भी दिया गया निर्माण का आश्वासन
शिक्षिकाओं ने अपने आवेदन में बताया है कि विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापकों और प्रभारियों के समक्ष भी कई बार शौचालय निर्माण की समस्या रखी गयी. हर बार निर्माण कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के कारण विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ-साथ शिक्षिकाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
शौचालय नहीं बना तो दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण की मांग
शिक्षिकाओं ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय परिसर में जल्द से जल्द शौचालय निर्माण कराने का आदेश देने का अनुरोध किया है.
आवेदन में यह भी कहा गया है कि यदि वर्तमान विद्यालय परिसर में शौचालय निर्माण संभव नहीं है, तो विद्यालय को पंचायत के किसी अन्य विद्यालय में स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाये, ताकि छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मिल सकें.
मंदिर होने के कारण ग्रामीण कर रहे निर्माण का विरोध
प्रधानाध्यापक योगेश कुमार प्रसाद ने बताया कि इस मामले में विभाग को कई बार पत्र लिखा जा चुका है. उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में मंदिर होने के कारण ग्रामीण शौचालय निर्माण का विरोध कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि पूर्व में विद्यालय परिसर में शौचालय बनाया भी गया था, लेकिन पास के एक व्यक्ति ने जमीन को अपनी बताते हुए उसे तोड़ दिया. प्रधानाध्यापक के अनुसार, विभाग को मामले की जानकारी दी गयी है और शौचालय निर्माण के लिए समाधान की जरूरत है.
मामले में विभाग को कई बार पत्र लिखा गया है. विद्यालय परिसर में मंदिर होने के कारण ग्रामीण शौचालय निर्माण का विरोध कर रहे हैं. पूर्व में शौचालय बना भी था, तो पास के एक व्यक्ति द्वारा अपनी जमीन बताते हुए उसे तोड़ दिया गया.
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