सीवान में घास, सिल्ट और मेडिकल कचरे से पटी गंडक नहर, पानी ठप होने से किसान परेशान

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मैरवा से गुठनी जाने वाली नहर में जमा हुआ घास पतवार

गंडक नहर में जल प्रवाह ठप होने से किसानों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है. घास, झाड़ियों और सिल्ट से भरी नहर के साथ-साथ मेडिकल कचरा भी फेंका जा रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं.

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मैरवा से गुठनी तक जाने वाली गंडक नहर इन दिनों बदहाली का शिकार है. विभागीय लापरवाही के कारण समय पर सफाई नहीं होने से नहर में पानी का बहाव लगभग ठप हो गया है. इसका सीधा असर किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है, जबकि आसपास के लोगों में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है.

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घास, झाड़ियों और सिल्ट से बाधित हुआ जल प्रवाह

स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर में पानी छोड़े जाने से पहले आवश्यक सफाई कार्य नहीं कराया गया. इसके कारण नहर घास-फूस, झाड़ियों और सिल्ट से पूरी तरह भर गई है. नहर में जलस्तर होने के बावजूद पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

मेडिकल कचरे से बढ़ा संक्रमण का खतरा

नहर में घरेलू कचरे के साथ-साथ मेडिकल विभाग का खतरनाक कचरा भी फेंका जा रहा है. उपयोग की हुई सुइयां और अन्य जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट खुले में पड़े रहने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है. रिहायशी इलाकों से गुजरने वाली इस नहर की स्थिति को लेकर स्थानीय लोग गंभीर चिंता जता रहे हैं.

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने प्रशासन और गंडक विभाग से नहर की तत्काल सफाई कर जल प्रवाह बहाल करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे. लोगों का मानना है कि नहर की सफाई से किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने के साथ-साथ बीमारी फैलने का खतरा भी कम होगा.


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