सीवान में सरयू नदी के कटाव से गुठनी-दरौली के किसानों की बढ़ी चिंता, सैकड़ों एकड़ जमीन पर मंडराया खतरा

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ग्यासपुर गांव के समीप कटाव करती सरयू नदी

सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और कटाव से गुठनी और दरौली प्रखंड के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग की जा रही है.

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प्रतिनिधि, गुठनी. सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और कटाव की समस्या से गुठनी और दरौली प्रखंड के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है. नदी के कटाव के कारण हर साल सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी में समा जाती है. इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है. वहीं आसपास के गांवों और घरों पर भी बाढ़ का खतरा लगातार बना रहता है.

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ग्रामीणों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से समय रहते ठोस तैयारी नहीं किए जाने के कारण हर साल लोगों को नुकसान झेलना पड़ता है. वर्तमान में सरयू नदी 58.84 मीटर के स्तर पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 61.82 मीटर निर्धारित है.

कटाव से खेती बर्बाद, मुआवजे का इंतजार कर रहे किसान

सरयू नदी के कटाव से प्रभावित किसानों का कहना है कि उनकी कृषि योग्य जमीन लगातार नदी में विलीन हो रही है, लेकिन अब तक उन्हें किसी तरह का मुआवजा नहीं दिया गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि योजनाएं तो बनती हैं, लेकिन उसका लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता.

कटाव से गुठनी, गोहरुआ, श्रीकरपुर, योगियाडीह, तिरबलुआ, बलुआ, ग्यासपुर, मैरीटार, खड़ौली समेत कई गांव प्रभावित हैं. वहीं दरौली प्रखंड के अमरपुर, केवटलिया, नरौली, दुबा और करमदहा सहित अन्य इलाकों में भी नदी के कटाव से खेती को नुकसान पहुंच रहा है.

ग्यासपुर में नहीं हुआ कटाव निरोधी कार्य, ग्रामीणों में नाराजगी

सरयू नदी के किनारे बसे ग्यासपुर गांव के ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से वे कटाव की समस्या झेल रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया. ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में कटाव निरोधी कार्य करा दिया जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है.

ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर डीएम, डीडीसी, एसडीओ, बीडीओ, सीओ, सांसद, विधायक, प्रमुख, मुखिया और सरपंच तक को जानकारी दी गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है.

जल संसाधन विभाग ने निरीक्षण का दिया भरोसा

जल संसाधन विभाग के एक्सक्यूटिव इंजीनियर मदन चंद चौधरी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद एसडीओ मोहम्मद अमजद अली और जेई शुभम सिंह को मौके पर भेजा गया है. उन्होंने कहा कि टीम पूरे क्षेत्र का निरीक्षण करेगी और स्थिति के अनुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी.

ग्रामीणों की मांग है कि सरयू नदी के कटाव को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि हर साल होने वाले नुकसान से किसानों और ग्रामीणों को राहत मिल सके.


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